(दीपक यादव हमीरपुर उत्तर प्रदेश)
(हमीरपुर सुमेरपुर) मंगलवार की देररात कस्बे के अर्थ होटल में हुई मारपीट की घटना के बाद आरोपी होटल संचालक को लगातार धमकाकर समझौता का दबाव बना रहे हैं। समझौता नहीं करने पर होटल बंद करने की धमकी दी जा रही है। उक्त खुलासा गुरुवार को देर शाम जांच के लिए होटल पहुंचे जांच अधिकारी पुलिस चौकी इंचार्ज को होटल संचालक ने मीडिया के सामने करते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है उधर मारपीट में गंभीर चोटे लगने के बाद होटल के ग्राहक का उपचार का जालौन के उरई शहर के एक निजी अस्पताल में कराया जा रहा है। घटना के बाद से वह दहशत में हैं पुलिस ने बयान के लिए गेस्ट को तलब किया है। वहीं घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद पुलिस किसी भी आरोपी को नहीं पकड़ सकी है।
मंगलवार की रात करीब 11:00 एके 47 गैंग के सरगना ने अपने साथियों के साथ उद्योग नगरी के समीप संचालित अर्थ होटल में खाना नहीं मिलने पर जमकर कहर बरपाया था इन्होंने होटल के मैनेजर सहित कर्मियों एवं होटल में ठहरे हुए युवक के साथ पिस्टल के दम पर जमकर मारपीट की थी। मैनेजर की तहरीर पर रात में ही तीन नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था लेकिन इसमें गैंग के सरगना को नामजद नहीं किया गया है। गुरुवार की देर रात फैक्ट्री एरिया पुलिस चौकी इंचार्ज राजवीर सिंह घटना स्थल पर पहुंचे और प्रत्यक्षदर्शियो के बयान दर्ज करके घटना के सीसीटीवी फुटेज देखें और साक्ष्य के तौर पर पेन ड्राइव में संरक्षित किये है। होटल के संचालक आशीष पाल ने बताया कि आरोपी उसे लगातार धमकियां देकर समझौता का दबाव बना रहे हैं। साथ ही समझौते नहीं करने पर होटल बंद करने की धमकी दे रहे हैं। होटल संचालक ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। चौकी इंचार्ज ने पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन प्रदान किया है उधर घटना से घायल होटल में ठहरे ग्राहक का उपचार जालौन उरई के निजी अस्पताल में कराया जा रहा है। घटना के बाद से वह दहशत में है। उसे बयान के लिए तलब किया गया है। चौकी इंचार्ज ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज देखने से स्पष्ट हो रहा है घटना एके-47 गैंग के मुखिया ने की है विवेचना में इसको अभियुक्त बनाकर चार्जशीट दाखिल की जाएगी किसी भी आरोपी को बख्सा नहीं जाएगा। बता दे कस्बे में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है घटना में एके-47 गैंग के साथ बजरंग दल के नेता भी शामिल है। घटना के तीन दिन गुजर जाने के बाद किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर लोग पुलिस की कार्य प्रणाली पर उंगली उठाने लगे हैं।










