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बरेली में सपा नेता और उसके साथियों पर कैब ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या का आरोप, तमंचे की बट और नल के हत्थे से किया हमला!

रामलीला मेला देखकर लौट रहे 28 वर्षीय संजय सक्सेना पर करीब एक दर्जन युवकों ने किया कथित हमला, पांच महीने पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप; पत्नी और दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुरानी रंजिश के चलते 28 वर्षीय कैब ड्राइवर संजय सक्सेना की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। सुभाषनगर थाना क्षेत्र के शांति विहार में बुधवार रात रामलीला मेला देखकर लौट रहे युवक पर कथित तौर पर सपा नेता अक्षय और उसके साथियों ने हमला कर दिया। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने संजय को तमंचे की बट, नल के हत्थे और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाए गए संजय को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

रामलीला देखकर लौटते समय रास्ते में घेरकर हमला

परिजनों के मुताबिक, संजय सक्सेना बुधवार रात अपने परिचित मोनू के साथ मढ़ीनाथ में आयोजित रामलीला मेला देखने गया था। देर रात दोनों वापस लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में पहले से मौजूद अक्षय और उसके साथियों ने उन्हें घेर लिया।

परिवार ने आरोप लगाया कि अक्षय के साथ आकाश, विकास, सरवन, आशीष, रंजीत और करीब एक दर्जन युवक मौजूद थे। सभी ने संजय और मोनू पर हमला कर दिया। इस दौरान मोनू किसी तरह मौके से भाग निकला, जबकि हमलावरों ने संजय को पकड़ लिया।

तमंचे की बट और नल के हत्थे से पीटने का आरोप

मृतक के भाई विजय सक्सेना ने आरोप लगाया कि अक्षय और उसके साथियों ने संजय पर तमंचे की बट, नल के हत्थे और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ प्रहार किए।

हमले में संजय गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। घायल संजय को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पांच महीने पहले शादी समारोह में हुआ था विवाद

मृतक के भाई विजय और बहन मीना ने बताया कि करीब पांच महीने पहले मोहल्ले में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान संजय का अक्षय और उसके साथियों से विवाद हुआ था।

परिजनों का आरोप है कि उस विवाद के बाद अक्षय और उसके साथियों ने मकान पर फायरिंग भी की थी। उस समय पुलिस के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था।

परिवार का दावा है कि समझौते के बावजूद अक्षय पुरानी रंजिश रखता था। इसी रंजिश में संजय की हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया है।

नोएडा में कैब चलाकर परिवार पालता था संजय

परिजनों के अनुसार, संजय मूल रूप से फतेहगंज पश्चिमी का रहने वाला था। पहले वह बरेली के शांति विहार में किराए के मकान में रहता था। करीब तीन वर्ष पहले रोजगार के सिलसिले में नोएडा चला गया था।

वहां संजय कैब चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। दो दिन पहले ही वह नोएडा से बरेली आया था और शांति विहार में अपनी बहन मीना के घर ठहरा हुआ था।

परिजनों को उम्मीद नहीं थी कि परिवार से मिलने आया संजय अब कभी वापस नहीं लौटेगा।

पत्नी रोशनी और दो मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

संजय की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी रोशनी और दो छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। भाई विजय और बहन मीना का भी रो-रोकर बुरा हाल है।

परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा, आरोपियों की तलाश शुरू

घटना की सूचना पर पहुंची सुभाषनगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए टीम गठित की है। हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी और मुकदमे की धाराओं की आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

अब सवाल यह है कि पांच महीने पहले हुए विवाद और कथित फायरिंग की घटना के बाद क्या पर्याप्त कार्रवाई हुई थी? क्या पुरानी रंजिश को लेकर किसी नए विवाद की आशंका थी?

फिलहाल, सपा नेता अक्षय की राजनीतिक संबद्धता और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि बाकी है। पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

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