रामपुर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आजम खां और उनके परिवार के साथ अन्याय किए जाने का आरोप लगाया।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा, “आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे।” उन्होंने दावा किया कि आजम खां के परिवार को जिस तरह की परेशानियों और अन्याय का सामना करना पड़ा है, वैसा किसी दूसरे राजनीतिक परिवार ने नहीं झेला होगा। उनके इस बयान को आजम खां के प्रति समाजवादी पार्टी के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव ने आजम खां के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए गए, जिनकी वजह से उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया और मामलों से जुड़े न्यायिक तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर शिक्षा और ज्ञान जैसे विषयों को पर्याप्त महत्व नहीं देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने आजम खां के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का जिक्र करते हुए इस मुलाकात को भावनात्मक जुड़ाव से जुड़ा बताया।
मुलाकात के दौरान आजम खां के स्वास्थ्य और उनकी मौजूदा परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में सपा और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज होने की संभावना है। फिलहाल, अखिलेश यादव के बयान ने आजम खां के मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।






