अमेरिका के सिएटल में दिवाली समारोह के दौरान हिंदू समुदाय को निशाना बनाकर की गई नारेबाजी का मामला सामने आया है। यहां आयोजित एक सार्वजनिक दिवाली कार्यक्रम में दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और हिंदुओं तथा भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लिखे पोस्टर लहराए। घटना के समय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में परिवार और बच्चे मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों की इस हरकत से समारोह का माहौल प्रभावित हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों में जैक लैंग और थॉमस एलन शामिल थे। दोनों ने ऐसे पोस्टर प्रदर्शित किए, जिनमें भारतीय मूल के लोगों और हिंदू समुदाय को निशाना बनाया गया था। पोस्टर पर लिखे नारों को नस्लीय और धार्मिक भेदभाव से जुड़ा बताया गया है। हालांकि, कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने विरोध जताया और प्रदर्शनकारियों को आयोजन स्थल से बाहर कर दिया।
इस घटना पर अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दिवाली अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक है, लेकिन हिंदुओं के खिलाफ नफरत और भेदभाव को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने लोगों से हिंदू समुदाय के खिलाफ फैलाए जा रहे नफरत भरे संदेशों का विरोध करने की अपील की।
वहीं, अमेरिकी कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल ने भी इस घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि दिवाली एक महत्वपूर्ण त्योहार है और हर समुदाय को बिना किसी डर के अपने त्योहार मनाने की आजादी होनी चाहिए। इस तरह की नस्लवादी और नफरत भरी गतिविधियों की अमेरिका में कोई जगह नहीं है।
इसके अलावा, कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका (CoHNA) ने भी घटना की निंदा करते हुए समुदाय के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। संगठन के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति के दौरान कार्यक्रम में व्यवधान पैदा किया। संगठन ने यह भी कहा कि दूसरे दिवाली आयोजनों को बाधित करने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
इस घटना के बाद अमेरिका में रह रहे भारतीय और हिंदू समुदाय की सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और नस्लीय भेदभाव का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।





