तरदा और सराईसिंगार के स्कूलों में औचक निरीक्षण, दो शिक्षक बिना अनुमति अनुपस्थित मिले तो जारी होगा नोटिस; स्कूलों की समस्याओं को जल्द दूर करने के निर्देश
कोरबा, 30 अक्टूबर 2026।
स्कूल की कक्षा में जब अचानक जिले के कलेक्टर पहुंच जाएं और बच्चों के सामने शिक्षक की भूमिका निभाने लगें, तो बच्चों का उत्साह देखते ही बनता है। कोरबा जिले में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत तरदा और सराईसिंगार के प्राथमिक शालाओं के निरीक्षण पर पहुंचे। यहां उन्होंने केवल अधिकारियों से जानकारी लेकर निरीक्षण की औपचारिकता पूरी नहीं की, बल्कि सीधे बच्चों के बीच पहुंचकर उनकी पढ़ाई को परखा। कभी ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल लिखे, तो कभी बच्चों से अंग्रेजी का पाठ पढ़वाकर उसका हिंदी में अनुवाद करवाया। कलेक्टर को अपने बीच शिक्षक के रूप में देखकर बच्चे भी उत्साहित नजर आए।
इस दौरान कलेक्टर ने बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनकी पढ़ाई, स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं और रोजमर्रा की परेशानियों के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि स्कूलों में शौचालय, किचन, फर्नीचर, खेल सामग्री, बिजली व्यवस्था और मरम्मत जैसे कई जरूरी कार्यों की आवश्यकता है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं को प्राथमिकता से दूर करने और सभी आवश्यक कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल, अंग्रेजी का पाठ और हिंदी में अनुवाद
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने प्राथमिक शाला तरदा एवं सराईसिंगार में बच्चों के साथ कक्षा में समय बिताया। उन्होंने ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल लिखकर विद्यार्थियों से हल करवाए और सही जवाब देने वाले बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद अंग्रेजी की पुस्तक से पाठ पढ़वाकर बच्चों की उच्चारण क्षमता और समझ का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से अंग्रेजी पाठ का हिंदी में अर्थ एवं अनुवाद भी करवाया।
सराईसिंगार प्राथमिक शाला की कक्षा पांचवीं में कलेक्टर बच्चों के बीच बैठ गए और उनसे सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों को नियमित स्कूल आने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा दी। साथ ही पूछा कि स्कूल में उन्हें किन-किन सुविधाओं की जरूरत है और पढ़ाई के दौरान उन्हें क्या परेशानियां होती हैं।
बच्चों ने बताई स्कूल की समस्याएं, कलेक्टर ने दिया समाधान का भरोसा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दोनों स्कूलों में विद्यार्थियों की दर्ज एवं उपस्थित संख्या, गणवेश और पाठ्यपुस्तक वितरण, सुबह के नाश्ते तथा मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
तरदा प्राथमिक शाला की शिक्षिका को निर्देशित किया कि बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने के साथ प्रत्येक पाठ का सरल हिंदी अर्थ भी समझाया जाए, ताकि विद्यार्थी अंग्रेजी भाषा को बेहतर ढंग से समझ सकें।
तरदा स्कूल में कलेक्टर ने पुराने आंगनबाड़ी भवन को शीघ्र डिस्मेंटल कराने, नए शौचालय निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने, किचन शेड के अधूरे कार्य को जल्द पूरा कराने और बाउंड्रीवाल की मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
वहीं सराईसिंगार प्राथमिक शाला में बच्चों ने कलेक्टर के सामने अपनी जरूरतें रखते हुए शौचालय, किचन, खेल सामग्री और फर्नीचर उपलब्ध कराने का आग्रह किया। बच्चों की बातें सुनकर कलेक्टर ने उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने स्कूल में आवश्यक मरम्मत, नियमित साफ-सफाई, रंगरोगन और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही कक्षाओं में पर्याप्त ट्यूबलाइट और पंखे लगाने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
बिना अनुमति स्कूल से अनुपस्थित मिले दो शिक्षक, कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अनुशासन और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर भी कलेक्टर ने गंभीरता दिखाई। बिना सक्षम अनुमति के अनुपस्थित पाए गए दो शिक्षकों को नोटिस जारी करने तथा आवश्यक विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हों और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करना संबंधित शिक्षकों एवं अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में भी परखी व्यवस्था, बच्चों के पोषण पर जोर
कलेक्टर श्री दुदावत ने स्कूल परिसरों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रों में दर्ज एवं उपस्थित बच्चों की संख्या, उपलब्ध सुविधाओं, दैनिक गतिविधियों और भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों को नियमित रूप से सुबह का नाश्ता एवं गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक भोजन दिया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की देखभाल, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बच्चों की पढ़ाई के साथ सुविधाओं पर भी प्रशासन की नजर
कलेक्टर का यह निरीक्षण केवल स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था देखने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों की जरूरतों को सीधे उनसे सुनने और स्कूलों की वास्तविक स्थिति समझने की पहल भी रहा। अब देखना होगा कि निरीक्षण के दौरान सामने आई समस्याओं के समाधान के लिए दिए गए निर्देशों पर कितनी तेजी से अमल होता है और तरदा एवं सराईसिंगार के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं कब तक मिल पाती हैं।
अशोक कुमार श्रीवास की खास रिपोर्ट सराईसिंगार से









