हरिद्वार। उत्तराखंड में अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा विवाद चर्चा में आ गया है। पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर की शिकायत पर हरिद्वार पुलिस ने उर्मिला सनावर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शिकायत में ब्लैकमेलिंग, रंगदारी मांगने, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां करने के साथ ही धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उर्मिला सनावर ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम करने और पांच करोड़ रुपये देने की मांग की थी। आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके अलावा सोशल मीडिया पर परिवार के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, शिकायत 24 अक्टूबर की रात रानीपुर कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में उर्मिला सनावर के आवास पर दबिश दी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कथित घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भी चर्चा में रही हैं उर्मिला
उर्मिला सनावर इससे पहले अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी एंगल को लेकर भी सुर्खियों में रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ ऑडियो और वीडियो साझा करते हुए मामले में कई दावे किए थे। इन दावों के बाद उत्तराखंड की राजनीति में विवाद बढ़ गया था। संबंधित ऑडियो-वीडियो की प्रामाणिकता और उनसे जुड़े आरोपों की जांच भी एजेंसियों के स्तर पर चल रही है।
हाल ही में 23 अक्टूबर को उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने अंकिता भंडारी मामले में नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए सीबीआई अदालत में सहमति दी थी। इस मामले में सीबीआई की जांच जारी है। हालांकि, किसी भी कथित वीआईपी की संलिप्तता से जुड़े दावों को जांच के निष्कर्ष और ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
फिलहाल, उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी का ताजा मामला अलग शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी। मामले में लगाए गए आरोप अभी आरोप हैं, जिन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है।






