Home / News / रांका और सौरव दास को बड़ी राहत, 7 दिन बाद तिहाड़ जेल से रिहाई का आदेश

रांका और सौरव दास को बड़ी राहत, 7 दिन बाद तिहाड़ जेल से रिहाई का आदेश

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर प्रवेश को लेकर हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं अशुतोष रांका और सौरव दास को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को दोनों नेताओं की रिहाई का आदेश दिया। दोनों सात दिनों से तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में थे।

लिखित आश्वासन के बाद रिहाई

रिहाई के लिए दोनों नेताओं को शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का लिखित आश्वासन देना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब तक जंतर-मंतर को कानूनी प्रक्रिया के तहत दोबारा निर्धारित प्रदर्शन स्थल घोषित नहीं किया जाता, तब तक वे वहां प्रदर्शन के लिए लोगों को नहीं बुलाएंगे। साथ ही, भविष्य में होने वाले किसी भी प्रदर्शन को संविधान के दायरे में रखने का आश्वासन भी दिया।

अदालत ने दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानती बॉन्ड भरने का निर्देश दिया। उन्हें आगे की सुनवाई में अदालत के सामने उपस्थित रहने और शांति बनाए रखने की शर्तों का पालन करने को भी कहा गया है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। CJP के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को रांका और सौरव दास जंतर-मंतर में प्रवेश कर वहां तिरंगा लहराने पहुंचे थे, जबकि उस स्थान को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाया जा चुका था। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था।

14 अक्टूबर को दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई। बुधवार को सात दिन पूरे होने के बाद रिहाई का आदेश जारी किया गया। इससे पहले दोनों ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका दिल्ली हाईकोर्ट से वापस ले ली थी।

अभिजीत दीपके ने भी दी प्रतिक्रिया

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दोनों नेताओं की रिहाई के आदेश पर प्रतिक्रिया दी। इस मामले ने SIR के विरोध, प्रदर्शन स्थलों पर लागू प्रतिबंधों और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लेकर चल रही बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।

फिलहाल, रांका और सौरव दास की रिहाई कुछ शर्तों और लिखित आश्वासन के साथ मंजूर की गई है। इस आदेश का अर्थ मामले की पूरी कानूनी कार्यवाही समाप्त होना नहीं है। दोनों को आगे भी निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।

Tagged:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[post-views]
Share
Now