महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयक को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे पत्र में कहा कि सरकार ने विधेयक पर चर्चा और समर्थन जुटाने के लिए कई राजनीतिक दलों से संपर्क किया है। इनमें डीएमके, समाजवादी पार्टी, एआईएमआईएम, एनसीपी, शिवसेना (यूबीटी), बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस जैसे दल शामिल हैं।
रिजिजू के मुताबिक, सरकार ने विपक्ष से इस मुद्दे पर सहयोग मांगा है। वहीं, कांग्रेस ने विधेयक को संसद में पेश किए जाने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी। इस घटनाक्रम के बीच नवीन पटनायक, एम.के. स्टालिन, उद्धव ठाकरे और जगन मोहन रेड्डी जैसे नेताओं और उनकी पार्टियों से संपर्क की खबर चर्चा में है।
अब सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार इन विधेयकों पर व्यापक राजनीतिक सहमति बना पाएगी या संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहेगा? फिलहाल, सरकार की कोशिशों और विपक्ष की प्रतिक्रिया पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।






