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चंदौसी पहुंचे बहुजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मानिक लाल नागर, बोले – देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात

2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का दिया मंत्र, बोले – युवा ने ठाना तो होगा व्यवस्था परिवर्तन

रजत मल्होत्रा

चंदौसी। बहुजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मानिक लाल नागर ने नगर आगमन पर देश के मौजूदा हालातों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश इस समय अस्थिरता, अराजकता, महिला उत्पीड़न, चंदा-चोरी और वोट चोरी जैसे गंभीर मुद्दों से जूझ रहा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति, संगठन या विपक्ष इन मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन या आंदोलन करना चाहे तो सरकारी एजेंसियां उसे कुचलने की भरपूर कोशिश कर रही हैं।

प्रदर्शनकारियों को जेलों में डाला जा रहा है। ऐसा लगता है जैसे देश में अघोषित आपातकाल लगा है। युवा आक्रोशित है और यदि युवाओं ने सत्ता परिवर्तन का मन बना लिया तो देश में न सिर्फ सत्ता परिवर्तन होगा, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन भी होगा।

नगर आगमन के दौरान मानिक लाल नागर ने स्थानीय पदाधिकारियों के साथ वर्ष 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा की और संगठन को बूथ लेवल पर मजबूत करने का आदेश दिया।

उन्होंने कहा कि चंदा चोर भाजपा में मौज ले रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर पार्टी ने पूरे देश में 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन देकर मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की है। यदि सरकार मांगों का समाधान नहीं करती है तो दिसंबर में लखनऊ में बड़ा धरना-प्रदर्शन होगा और पार्टी का आह्वान होगा – “भाजपा हटाओ, निजीकरण मिटाओ, खुशहाली लाओ, प्रदेश बचाओ”।

पार्टी की प्रमुख मांगें –

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगें हैं कि वोट चोर मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त किया जाए। हाथरस के बुलगढ़ी पीड़ित परिवार को न्याय दिया जाए, केस का पुनः रिवीजन कर अपराधियों को फांसी दी जाए। हाईकोर्ट, लखनऊ खंडपीठ के आदेशानुसार पीड़ित परिवार को मुआवजा व नोएडा में आवास दिया जाए।

इसके अलावा निजीकरण समाप्त हो, विभागों में खाली पड़े पद भरे जाएं, मंडल कमीशन की मांगें लोकसभा तथा विधानसभा पर भी लागू हों, प्रदेश को चार भागों – पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बांटकर अलग राज्य बनाया जाए, चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं, पुरानी पेंशन बहाल की जाए और प्रदेश के निकायों में 2006 से कार्यरत संविदा सफाई कर्मचारियों को स्थायी किया जाए।

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