सपा नेताओं से बढ़ती नजदीकियों के बीच भाजपा को बड़ा झटका, सोशल मीडिया पर त्यागपत्र जारी कर संगठन पर लगाए गंभीर आरोप
बरेली, 9 अक्टूबर 2026। बरेली की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रही सियासी अटकलों के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के एक पूर्व सांसद ने पार्टी की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए गए त्यागपत्र के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। खास बात यह है कि एक्सप्रेस न्यूज़ भारत ने पहले ही पूर्व सांसद की भाजपा से बढ़ती दूरियों और समाजवादी पार्टी की ओर संभावित झुकाव को लेकर खबर प्रकाशित की थी। अब इस्तीफे की घोषणा से उस खबर के एक महत्वपूर्ण पहलू की पुष्टि हुई है।
सोशल मीडिया पर जारी किया त्यागपत्र
पूर्व सांसद की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए पत्र में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को संबोधित किया गया है। पत्र में पार्टी संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
त्यागपत्र में आरोप लगाया गया है कि पार्टी के भीतर भितरघात करने वाले और लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। इसके विपरीत लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े कार्यकर्ताओं और पिछड़े-अति पिछड़े समाज को अपेक्षित सम्मान नहीं मिला।
इन्हीं कारणों का उल्लेख करते हुए पूर्व सांसद ने पार्टी की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता छोड़ने की घोषणा की है।
एक्सप्रेस न्यूज़ भारत ने पहले ही दिए थे सियासी बदलाव के संकेत
गौरतलब है कि एक्सप्रेस न्यूज़ भारत ने पूर्व सांसद के राजनीतिक रुख में बदलाव की संभावनाओं को लेकर पहले ही खबर प्रकाशित की थी। खबर में समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ उनकी बढ़ती नजदीकियों और एक जन्मदिन समारोह में उनकी मौजूदगी को प्रमुखता से उठाया गया था।
कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ मौजूदगी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई थीं।
इसके अलावा कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर लिखे गए ‘टाटा-बाय-बाय’ संदेश ने भी भाजपा छोड़ने की अटकलों को हवा दी थी।
संगठन में सम्मान नहीं मिलने का आरोप
त्यागपत्र में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा संगठन के भीतर सम्मान और प्रतिनिधित्व का उठाया गया है। पूर्व सांसद ने आरोप लगाया है कि पार्टी के लिए काम करने वाले लोगों की अपेक्षा चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने पिछड़े और अति पिछड़े समाज को उचित स्थान तथा सम्मान नहीं मिलने पर भी नाराजगी व्यक्त की है।
हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा संगठन की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
समाजवादी पार्टी में शामिल होने की चर्चाएं तेज
इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल पूर्व सांसद की अगली राजनीतिक पारी को लेकर है। समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ उनकी हालिया मौजूदगी के कारण सपा में शामिल होने की अटकलें तेज हैं।
हालांकि, अभी तक समाजवादी पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होने की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में किसी नए राजनीतिक दल में उनके प्रवेश को निश्चित मानना जल्दबाजी होगी।
बरेली की राजनीति में नए समीकरणों की आहट
पूर्व सांसद के भाजपा छोड़ने से बरेली और आंवला लोकसभा क्षेत्र की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। उनके समर्थकों और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं की नजर अब अगले कदम पर टिकी हुई है।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि एक्सप्रेस न्यूज़ भारत ने जिस सियासी बदलाव की संभावना पहले सामने रखी थी, उसका भाजपा से इस्तीफे वाला हिस्सा अब सार्वजनिक घोषणा के रूप में सामने आ चुका है। अगला सवाल यही है कि पूर्व सांसद किस राजनीतिक दल के साथ अपनी नई पारी शुरू करेंगे।






