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बाढ़ के खतरे को लेकर समस्तीपुर रेल मंडल हाई अलर्ट पर, ट्रैक-पुलों की बढ़ाई गई निगरानी

लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा

पानी बढ़ा तो तत्काल रोकी जाएंगी ट्रेनें, चंपारण प्रशासन से समन्वय में जुटा रेल मंडल

नेपाल में बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। नेपाल से आने वाले पानी के कारण पूर्वी और पश्चिमी चंपारण के सीमावर्ती इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए रेल प्रशासन ने रेलवे ट्रैक, पुल-पुलिया और संवेदनशील रेलखंडों की निगरानी बढ़ा दी है।

मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा ने पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के जिला प्रशासन से संपर्क कर आपसी समन्वय के साथ बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने का आग्रह किया है। रेलवे और जिला प्रशासन के बीच जलस्तर तथा बाढ़ की स्थिति से जुड़ी सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की व्यवस्था की गई है।

रेलकर्मी अलर्ट मोड में, ट्रैक से पुल तक निगरानी

डीआरएम ने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। ट्रैकमैन के साथ-साथ पुलों की निगरानी में तैनात रेलकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

रेल कर्मी अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में रेलवे ट्रैक, पुल-पुलिया और आसपास के जलस्तर पर लगातार नजर रखेंगे। खासकर उन स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है, जहां बाढ़ के पानी का रेलवे ट्रैक अथवा पुल की संरक्षा पर असर पड़ने की आशंका है।

बाढ़ नियंत्रण विभाग से भी लगातार संपर्क

रेल प्रशासन के अधिकारी राज्य के बाढ़ नियंत्रण निदेशक के संपर्क में भी लगातार रहेंगे। जलस्तर में होने वाले बदलाव और बाढ़ की स्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं तत्काल रेल अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे पर बिना देरी निर्णय लिया जा सके।

पानी बढ़ा तो ट्रेनों पर लगेगा ब्रेक

रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी रेलखंड पर पानी बढ़ने अथवा ट्रैक की सुरक्षा प्रभावित होने की सूचना मिलती है तो संबंधित ट्रेनों का परिचालन तत्काल रोक दिया जाएगा। जरूरत के अनुसार ट्रेनों की गति नियंत्रित करने अथवा परिचालन में अन्य आवश्यक बदलाव करने का निर्णय भी लिया जा सकता है।

रेलवे की प्राथमिकता बाढ़ के दौरान केवल ट्रैक और पुलों को सुरक्षित रखना ही नहीं, बल्कि यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। किसी भी स्तर पर जोखिम सामने आने की स्थिति में परिचालन को तत्काल नियंत्रित किया जाएगा।

नेपाल में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच समस्तीपुर रेल मंडल की यह सतर्कता इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि सीमावर्ती क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने का सीधा असर रेल परिचालन और रेलवे की आधारभूत संरचना पर पड़ सकता है। ऐसे में रेलकर्मियों को चौबीसों घंटे निगरानी और त्वरित सूचना देने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।

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