कोरबा। महिला एवं बाल विकास विभाग का एक परियोजना कार्यालय पिछले दो वर्षों से निजी मकान में संचालित हो रहा है। परियोजना कार्यालय नहीं होने से शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में परेशानी हो रही है आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी भी इससे प्रभावित हो रहा हैं।
परियोजना कार्यालय करतला निजी मकान में संचालित !
कोरबा जिले का महिला एवं बाल विकास विभाग का परियोजना कार्यालय नहीं होने के कारण शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मीटिंग के लिए बैठने तक की व्यवस्था नहीं !
आंगनबाड़ी कार्यकताओं, सहायिकाओं सहित सुपर वाइसरों की मीटिंग के लिए भी विभाग के पास पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं है। विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए स्थायी शासकीय कार्यालय उपलब्ध नहीं होने से पिछले करीब दो वर्षों से निजी मकान में शासकीय कार्यालय का संचालन किया जा रहा है।
इसी परियोजना कार्यालय के माध्यम से क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, योजनाओं की निगरानी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संबंधित कार्यों तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभाली जाती है। ऐसे में पर्याप्त और व्यवस्थित कार्यालय नहीं होने से विभागीय कार्यों पर असर पड़ने की बात सामने आ रही है।
स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि जब विभाग के माध्यम से महिला एवं बच्चों से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया जाता है, तो वर्षों बाद भी परियोजना कार्यालय के लिए शासकीय भवन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। निजी भवन में लंबे समय से कार्यालय संचालित होने से शासन को किराये के रूप में होने वाले खर्च और कार्यालयीन व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय के लिए जल्द से जल्द उपयुक्त शासकीय भवन की व्यवस्था की जाए, ताकि विभागीय योजनाओं का सुचारू संचालन हो सके और आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी एवं अन्य कार्य प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें।
अशोक कुमार श्रीवास की खास रिपोर्ट करतला से






