नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद तबाही का मंजर जारी है। अब तक 289 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 1,500 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
लापता लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की है। भारत के 288 नागरिकों से भी अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। वहीं, बचाए गए 21 भारतीयों में से 11 की पहचान कर ली गई है।
बाढ़ और मलबे के कारण कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। नेपाल और चीन की एजेंसियों के साथ भारतीय अधिकारी भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
रेस्क्यू टीमों की ओर से प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे और दुर्गम इलाकों में अभी और लोग फंसे हो सकते हैं। ऐसे में आने वाले घंटों में मृतकों और लापता लोगों के आंकड़े में बदलाव संभव है।






