(रिपोर्ट- नेहाल अख्तर)
(Express news bharat)
(जिला संवाददता बलिया)
बलिया में उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लाखों शिक्षकों और करोड़ों विद्यार्थियों को एक साथ बड़ी सौगात दी है। बुधवार को वाराणसी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभकरते हुए शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की।
इसके साथ ही भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सहयोग से दुर्घटना बीमा योजना भी लागू की गई। इसी कार्यक्रम में प्रदेश के 1.20 करोड़ बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यार्थियों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म, जूता-मोजा और स्कूल बैग के लिए 1200 प्रति छात्र की दर से करीब ₹1300 करोड़ की धनराशि डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की गई। इसका सीधा प्रसारण प्रदेश के 404 स्थानों पर हुआ, जिनमें बलिया के रसड़ा स्थित राधिका मैरिज हॉल भी शामिल रहा।
शिक्षकों को मिला हेल्थ सिक्योरिटी का बड़ा तोहफा
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत अब बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षा मित्र, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के कर्मचारी और रसोइयों को भी 5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी खर्च के बोझ को कम कर शिक्षा कर्मियों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है।
SBI के सहयोग से दुर्घटना बीमा की सुविधा
कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सहयोग से दुर्घटना बीमा योजना का भी शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत पात्र शिक्षा कर्मियों और उनके परिवारों को आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिलेगा।
1.20 करोड़ छात्रों के खातों में पहुंची DBT की राशि
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा परिषद के 1 करोड़ 20 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में ₹1200 प्रति छात्र की दर से यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्कूल बैग के लिए करीब ₹1300 करोड़ की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इससे अभिभावकों को राहत मिलेगी और विद्यार्थियों को समय पर शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।
रसड़ा में 15 शिक्षकों को मिले कैशलेस कार्ड
रसड़ा के राधिका मैरिज हॉल में आयोजित कार्यक्रम में श्री नाथ बाबा मठ के महंत महामंडलेश्वर श्री कौशलेंद्र गिरि मुख्य अतिथि रहे, जबकि उप जिलाधिकारी रवि कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। खंड शिक्षा अधिकारी पवनविकास खंड रसड़ा के 15 चयनित शिक्षकों को मंच से प्रतीकात्मक रूप से चिकित्सा कैशलेस कार्ड वितरित किए गए।
404 स्थानों पर हुआ लाइव प्रसारण
वाराणसी से मुख्यमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण प्रदेश के 404 केंद्रों पर किया गया। रसड़ा में भी बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र, शिक्षा कर्मी और स्थानीय नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का सुरक्षित और स्वस्थ रहना आवश्यक है तथा सरकार उनके हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
इनकी रही प्रमुख मौजूदगी
कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद खंड शिक्षा अधिकारी पवन कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, विभागीय अधिकारियों और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सुनील कुमार सिंह, पंकज कुमार सिन्हा, संजय कुमार यादव, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, धनंजय गुप्ता, मुकेश सिंह, बलवंत सिंह, अंजनी कुमार गुप्ता, भृगुनाथ सिंह सहित अनेक शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अजय कुमार सिंह ने किया।








