बलौदा बाजार से राजेश कुमार बघेल की रिपोर्ट
• 4 साल से विभागों में धूल खा रही हैं सामुदायिक वन अधिकार की फाइलें
• 21 गांवों में बिजली संकट और जर्जर सड़क से ग्रामीण बेहाल, कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन
• गांव-गांव में बैठकें शुरू, आंदोलन को सफल बनाने चुनी गई महासमिति
बार नवापारा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में बुनियादी सुविधाओं और हक की अनदेखी के खिलाफ जनता का आक्रोश फूट पड़ा है। दिनांक 11 जून को ग्राम बार में 18 से अधिक गांवों के ग्रामीणों की एक महाबैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सामुदायिक वन अधिकार पत्र की प्राप्ति, क्षेत्र के 21 गांवों में सुचारू बिजली व्यवस्था और पक्की सड़क निर्माण को लेकर आर-पार की लड़ाई का शंखनाद किया गया है। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि जल्द ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
गांव-गांव में जलाई जा रही अलख, भारी जनसमर्थन
आंदोलन को जमीनी स्तर पर मजबूत और सफल बनाने के लिए सभी गांवों से प्रमुख जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, पंचों और सक्रिय ग्रामीणों को मिलाकर पदाधिकारियों का चयन किया गया है। यह समिति अब गांव-गांव जाकर चौपाल लगा रही है और लोगों को जागरूक कर रही है। इस अभियान की पहली कड़ी में 12 जून को ग्राम पंचायत बार एवं मुड़पार (ब) में बैठक की गई, जिसमें भारी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
ये हैं ग्रामीणों की 3 मुख्य मांगें:
- 21 गांवों में बिजली का गंभीर संकट:
क्षेत्र की सबसे पहली और मुख्य समस्या बिजली की है। ग्रामीण आज के दौर में भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इससे प्रभावित होने वाले प्रमुख गांव बफरा, भिभौरीं, नवाडीह, गुड़ा गढ़, बार, हरदी, मुड़पार, दोंद, पाड़ादाह, आमगांव, लोरिदखार, ढेबी, ढेबा, मोंहदा, रवान, कौहाबाहरा, मुरुमडीह, छतालडबरा, रामपुर, झालपानी और फुरफुंदी हैं। - 4 सालों से अटका वन अधिकार पत्र:
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 4 सालों से 18 गांवों का ‘सामुदायिक वन अधिकार’ एवं ‘सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र’ सरकारी विभागों के चक्कर काट रहा है और अफसर इस पर कुंडली मारकर बैठे हैं। इस मांग को लेकर मुड़पार, पाड़ादाह, दोंद, सैहाभाठा, सुरबाय, बार, हरदी, गुड़ा गढ़, ढेबी, ढेबा, मोंहदा, रवान, कौहाबाहरा, अकलतरा, देवगांव, गबौद, चरौदा, भिभौंरी और बड़गांव के आदिवासियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। - जर्जर रास्तों से मुक्ति और पक्की सड़क:
क्षेत्र की तीसरी बड़ी मांग पक्की सड़क को लेकर है। सड़कों की हालत इतनी बदतर है कि मरीजों को अस्पताल ले जाने और बच्चों को स्कूल जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश के दिनों में यह पूरा इलाका मुख्य मार्ग से कट जाता है।
आंदोलन को सफल बनाने गांववार कमान संभालेंगे ये प्रतिनिधि:
आंदोलन को अनुशासित और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक गांव से प्रबुद्ध नागरिकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है:
ग्राम बफरा: श्री लक्ष्चीराम ध्रुव, श्री बलीराम चौहान, श्री रुपसिंह ठाकुर
ग्राम भिभौंरी: श्री संतोष कुमार, श्री रामकुमार यादव, श्री उपेन्द्र दीवान
ग्राम नवाडीह: श्री रत्नेश नेताम, श्री गौतम ठाकुर
ग्राम गुढ़ागढ़: श्री शंकर नेताम, श्री पप्पू यादव, श्री प्रितराम ठाकुर
ग्राम बार: श्री सम्पत ठाकुर, श्री भुवन यादव, श्री कन्हैया ध्रुव, श्री मत्थु, श्री गोलू, श्री बेनु राम, श्री शिवप्रसाद, श्री डान चौहान, श्री लक्ष्मीनारायण
ग्राम हरदी: श्री सुकदेव, श्री भानू, श्री टिकनेश, श्री भागु राम, राधेश्याम
ग्राम मुड़पार: श्री संतोष, श्री संजीव ठाकुर, रामु ठाकुर, नंदकुमार, भुनेश्वर, कपुर
ग्राम दोन्द: श्री खेमराज ठाकुर, श्री मोहन नेताम, श्री रामु यादव, श्री कंशराम
ग्राम पाड़ादाह: श्री मनहरण, श्री अजय, श्री राकेश, श्री अवन, श्री महेन्द्र ठाकुर, ईश्वर ठाकुर
ग्राम आमगांव: श्री अनिरुद्ध दीवान, श्री परदेशी, श्री संतोष, श्री सियाराम, श्री भागवत प्रसाद, श्री सुखराम, श्री महेततर, श्री अशोक
ग्राम लोरिदखार: श्री डिग्री प्रधान, श्री संन्यासी प्रधान, श्री चरण प्रधान, श्री बलराम
ग्राम ढेबी खार: श्री अमरध्वज, श्री इंद्ल दीवान, श्री बेदराम बरिहा, श्री उमाशंकर, श्री नित्यानंद पटेल
ग्राम ढेबा: श्री गीताराम, श्री दुलारू, श्री तुलसीदास, श्री चंदूलाल
ग्राम कौहाबाहरा: श्री प्रवीण साहू, श्री बलराम, श्री शंकर
ग्राम मोहदा: श्री राजकुमार दीवान, श्री नागेश दीवान, श्री धनीराम, श्री मनोज यादव, श्री आनंदराम, गणेश ध्रुव, दिलेश्वर
ग्राम रवान: श्री गोलू ठाकुर, श्री शिवलाल यादव, श्री कैलाश ध्रुव, श्री दीपक, श्री कन्हैया
ग्राम मुरुमडीह: श्री दीपक, श्री शंकर विश्वकर्मा, श्री सुंदर
ग्राम छताल: श्री जलंधर, श्री नारायण पटेल, श्री रेख राम ठाकुर, श्री डोलामणी
ग्राम रामपुर: श्री राजकुमार, श्री रोहित
अकलतरा: श्री हेम कुमार दीवान, श्री रामजी
देवगांव: श्री तेजकुमार, श्री रविशंकर साहू
गबौद: श्री पुरुषोत्तम प्रधान, श्री अगरसिंह, श्री बाबूलाल दीवान, श्री ब्रिज कुमार
चरौदा: श्री पुरनलाल यादव, श्री संतलाल यादव, श्री भूपेन्द्र बारिक, श्री माधव प्रसाद तिवारी
बड़गांव: श्री भीखम ठाकुर, श्री विष्णु ठाकुर, श्री भगत बरिहा
सैहाभाठा: श्री धरम रात्रे, श्री लोकनाथ रात्रे, श्री अश्वनी केंवट
सुरबाय: श्री पंचराम बरिहा, श्री रामकुमार बरिहा, श्री शंकर बारिहा
ग्रामीणों का साफ कहना है कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। यदि प्रशासन ने समय रहते सुध नहीं ली, तो हजारों की संख्या में ग्रामीण जिला मुख्यालय का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।










