ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मुजतबा ख़ामेनेई ने तुर्की और ओमान में हुए हालिया हमलों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इन देशों में कुछ खास जगहों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमले “ज़ायनिस्ट दुश्मन की साजिश” (यानी इज़राइल-अमेरिका की साज़िश) हैं, जिनका मकसद ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच तनाव और फूट पैदा करना है।
ख़ामेनेई ने अपने संदेश में यह भी संकेत दिया कि इस तरह की घटनाएं अन्य देशों में भी हो सकती हैं, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इन हमलों में ईरान या उसके सहयोगियों का कोई हाथ नहीं है और इस तरह की गतिविधियों से दूरी बनाई है।
मौजूदा समय में मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ा हुआ है, जहां कई देशों में हमले और जवाबी कार्रवाई जारी है, जिससे हालात और भी संवेदनशील बने हुए हैं।
ईरान के इस बयान से साफ है कि वह खुद को इन हमलों से अलग बताते हुए इन्हें बाहरी साजिश करार दे रहा है, जबकि क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।






