दिल्ली इस वक्त यमुना की बाढ़ से बेहाल है। हालात इतने खराब हैं कि रिंग रोड का बड़ा हिस्सा पानी में डूब चुका है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का ITO स्थित दफ्तर भी बाढ़ की चपेट में है।
यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है और नतीजा यह है कि यमुना के सभी प्रमुख घाट डूब गए हैं। श्रद्धालुओं और आम लोगों का वहां जाना पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग की है और लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है। ITO, कश्मीरी गेट, मजनूं का टीला और लोहे का पुल जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं।
NDRF और SDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के स्कूल बंद करने का भी आदेश दिया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे में बारिश और तेज हो सकती है, जिससे हालात और बिगड़ने का खतरा है। सरकार लगातार केंद्र से मदद की मांग कर रही है और हालात पर कड़ी नजर रखे हुए है।
दिल्ली में इस वक्त हालात बेहद गंभीर हैं और आम लोगों से अपील की जा रही है कि वो अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।






