रिपोर्ट संजय मिश्रा express news Bharat
जनपद चित्रकूट के पहाड़ी ब्लॉक अंतर्गत ममता हेल्थ इंस्टिट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड के प्रोजेक्ट जागृति IV के अंतर्गत विश्व स्तनपान दिवस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी में मनाया गया इसमें प्रसुताओ को स्तनपान के फायदे और स्तन पान के सही तरीको के बारे में बिस्तार से जानकारी दी गयी |
ममता हेल्थ इंस्टिट्यूट फार मदर एंड चाइल्ड संस्था के द्वारा ‘’विश्व स्तनपान सप्ताह’’ पर स्तनपान की महत्ता, शिशु एवं बाल मृत्यु दर में कमी हेतु स्तनपान के चार मापदंडो के बारे में बताया गया जिसमे जन्म के तुरंत बाद शीध्र अति शीघ्र / एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान अवश्य प्रारंभ कराया जाये, कोलोस्ट्रम खिलाना, छः माह तक केवल स्तनपान कराया जाए, शिशु के छह माह पूरे होने पर संपूरक आहार देना प्रारंभ किया जाए एवं शिशु के दो वर्ष पूरे होने तक स्तनपान जारी रखा जाए |
संस्था के ब्लाक समन्यवक विकाश पाण्डेय ने बताया कि जन्म के एक घंटे के अन्दर नवजात को स्तनपान कराना चाहिए माँ का गाढ़ा पीला दूध (जो कोलस्ट्रम कहलाता है ) नवजात के लिए टोनिक का काम करता है यह बच्चे की इमुनिटी और बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है निप्पल के साथ स्तन का एरियोला (काला भाग ) बच्चे के मुह के भीतर होना चाहिये चिकित्षा अधीक्षक उदय प्रताप सिंह ने ममता संस्था के सीधे कम्युनिटी में स्वास्थ्य सम्बंधित शिक्षा देकर जागरुक के करने की सराहना की |






