पुराने फोन को नए बॉक्स में बेचने से लेकर GST चोरी तक के दावे, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
बरेली। शहर के बीसलपुर चौराहा क्षेत्र में संचालित बताए जा रहे ‘मालिक आईफोन हब’ और इसके संचालक आतिफ मलिक को लेकर स्थानीय स्तर पर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। कुछ उपभोक्ताओं और स्थानीय स्रोतों का दावा है कि प्रतिष्ठान से जुड़े कारोबार में पुराने अथवा इस्तेमाल किए गए महंगे स्मार्टफोन को कथित तौर पर नए फोन की तरह प्रस्तुत कर बेचा जा रहा है। इसके अलावा GST चोरी और मोबाइल फोन की कथित अवैध सप्लाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की किसी सक्षम जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
पुराने फोन को नया बताकर बेचने का आरोप
स्थानीय स्तर पर किए जा रहे दावों के मुताबिक, आईफोन, सैमसंग और वनप्लस जैसे महंगे ब्रांड के फोन को लेकर कथित तौर पर गड़बड़ी की जा रही है। आरोप है कि कुछ पुराने या इस्तेमाल किए गए उपकरणों को नए बॉक्स में पैक कर उनके साथ एक्सेसरीज और वारंटी संबंधी दस्तावेज देकर ग्राहकों के सामने नया फोन बताकर पेश किया जाता है।
इन आरोपों की सत्यता स्थापित करने के लिए संबंधित मोबाइल फोन के IMEI नंबर, खरीद बिल, अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर से खरीद का रिकॉर्ड, वारंटी एक्टिवेशन की तारीख और GST इनवॉइस की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।
GST चोरी और फोन की अवैध सप्लाई के भी आरोप
मामला केवल कथित डुप्लीकेट अथवा पुराने फोन की बिक्री तक सीमित नहीं है। स्थानीय स्तर पर मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री में बड़े पैमाने पर GST चोरी और अवैध सप्लाई किए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
कुछ लोगों ने आतिफ मलिक के कारोबार को बड़े स्तर की लग्जरी मोबाइल फोन सप्लाई से जोड़ते हुए गंभीर दावे किए हैं। इन दावों के समर्थन में फिलहाल किसी जांच एजेंसी का निष्कर्ष या आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है, इसलिए आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
हाईवे के पास जमीन खरीदने की चर्चा, पुष्टि बाकी
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि मोबाइल कारोबार से हुई कथित कमाई के जरिए हाईवे के आसपास जमीन खरीदी गई है। हालांकि जमीन की खरीद, स्वामित्व, भुगतान के स्रोत अथवा इसे किसी कथित अवैध कारोबार से जोड़ने वाले आधिकारिक रिकॉर्ड की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ऐसी स्थिति में राजस्व अभिलेख, रजिस्ट्री दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की जांच के बाद ही इस संबंध में कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
बरेली में पहले भी सामने आ चुके हैं GST फ्रॉड के मामले
बरेली में फर्जी फर्म, फर्जी इनवॉइस और इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित GST चोरी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। विभिन्न कार्रवाइयों में लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक की कथित टैक्स चोरी के मामलों की जांच हुई है।
इसी पृष्ठभूमि में ‘मालिक आईफोन हब’ को लेकर सामने आए आरोपों पर भी संबंधित विभाग से जांच की मांग की जा रही है। हालांकि पूर्व में पकड़े गए अन्य GST मामलों का इस प्रतिष्ठान या इसके संचालक से कोई संबंध है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
जांच से सामने आ सकती है वास्तविक तस्वीर
यदि संबंधित विभाग मामले की जांच करता है तो मोबाइल फोन के IMEI रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के बिल, GST रिटर्न, बैंक लेन-देन और अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर से हुई खरीद का मिलान अहम हो सकता है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है।
यदि पुराने अथवा इस्तेमाल किए गए फोन को नया बताकर बेचे जाने की बात प्रमाणित होती है तो मामला उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ सकता है। इसी तरह टैक्स चोरी के आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर कानूनों के तहत कार्रवाई का प्रश्न उठ सकता है।
आधिकारिक जांच और प्रतिष्ठान के पक्ष का इंतजार
फिलहाल ‘मालिक आईफोन हब’ और आतिफ मलिक को लेकर लगाए जा रहे आरोप आरोप ही हैं और इन्हें प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। संबंधित विभागों की जांच और प्रतिष्ठान/संचालक का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
मामले में संबंधित विभाग और प्रतिष्ठान का आधिकारिक पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए।






