कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस मामले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली को लेकर उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया है। राहुल गांधी के मुताबिक, इस रैली में करीब 10 लाख लोग शामिल हो सकते हैं। रैली के जरिए कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाने और अपनी मांगों को जनता के सामने रखने की तैयारी में है।
दूसरी ओर, रैली को लेकर कारोबारी संगठनों ने चिंता जताई है। कारोबारियों का कहना है कि इतने बड़े आयोजन से शहर में यातायात, व्यापारिक गतिविधियों और आम लोगों की आवाजाही पर असर पड़ सकता है। कारोबारी पक्ष ने रैली को टालने की अपील करते हुए आशंका जताई है कि इसके चलते करीब 10 हजार करोड़ रुपये तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है। हालांकि, यह नुकसान का अनुमान है, इसकी वास्तविक पुष्टि अलग से जरूरी है।
अब इस पूरे मामले में राजनीतिक विरोध और कारोबारी हितों के बीच बहस तेज हो सकती है। एक तरफ कांग्रेस वोट चोरी के आरोपों को लेकर रैली के जरिए अपनी बात रखने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ कारोबारी रैली के संभावित आर्थिक और व्यावहारिक असर को लेकर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल, रैली में वास्तविक भीड़ कितनी होगी और कारोबार पर कितना असर पड़ेगा, यह आयोजन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।





