रिपोर्ट – चंद्रकीशोर पासवान
बखरी/बेगूसराय। बखरी व्यवहार न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।जिस कारण दिन भर न्यायालय परिसर में काफी गहमागहमी देखा गया।लोक अदालत में पीठासीन पदाधिकारी के रूप में एसीजेएम लक्ष्मी नाथ एवं पीठ के सदस्य अधिवक्ता राजकुमार के समक्ष पेशकार वीरेश कुमार सिन्हा ने अभिलेख प्रस्तुत किया।समझौता के आलोक में एसीजेएम न्यायालय के कुल 28 एवं फस्ट क्लास मजिस्ट्रेट कोर्ट के 18 आपराधिक वादो का निपटारा किया गया।वही अनुमंडल दंडाधिकारी के न्यायालय में कुल 54 धारा 107 दण्ड प्रक्रिया संहिता के वाद का निष्पादन किया गया। लोक अदालत में 20 वर्षों से चल रहे मामलों का निष्पादन किया गया। मामलों के निष्पादन के बाद दोनों पक्षों के पक्षकार खुशी-खुशी अपने घर को वापस गए।
इस दौरान एसीजेएम श्री नाथ ने कहा कि वाद में आपसी समझौता हो जाने से किसी पक्ष का हार जीत नहीं होता है और ना ही उभय पक्षों में किसी प्रकार का विद्वेष रहता है। कई मामलों में सूचक के मृत्यु उपरांत उनके पुत्र तो कुछ में पत्नी ने मुदालय के साथ समझौता कर मुकदमा समाप्त करवाया।मौके पर अधिवक्ता मो. सलाहउद्दीन खान, रामप्रवेश वर्मा, राम ज्वालेश्वर प्रसाद सिंह,गौरव कुमार, शिवशंकर ठाकुर,सत्यप्रकाश ठाकुर,संजीव कुमार,अनिल गोस्वामी , सिस्टम सहायक संदीप कुमार,लिपिक मुन्ना मिश्रा,दिलीप राम,नयन कुमार,पीएलब राजेश कुमार के अलावे संबंधित पक्षकार मौजूद थे।
बखरी लोक अदालत मे सौ मामलों का निपटारा
