लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा
समस्तीपुर। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने शनिवार को दूधपुरा चौक स्थित चैती दुर्गा मंदिर के निकट बाल देख-रेख संस्थान एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में आवासित बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, सुरक्षा एवं देखभाल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संस्थान के विभिन्न कक्षों एवं परिसर का भ्रमण कर बच्चों के रहने, पेयजल, भोजन, कपड़े, बिस्तर, साफ-सफाई, खेल एवं मनोरंजन से संबंधित सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से बच्चों की दैनिक दिनचर्या, खान-पान और उनकी आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने बच्चों के स्वास्थ्य एवं नियमित चिकित्सकीय देखभाल पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने समय-समय पर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने, आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य संबंधी अभिलेखों को अद्यतन रखने को कहा। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने बच्चों की आयु एवं आवश्यकता के अनुरूप संतुलित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने तथा भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की नियमित निगरानी करने को कहा। साथ ही परिसर, शयन कक्ष, रसोईघर और शौचालय समेत सभी स्थानों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
डीएम ने बच्चों की शिक्षा, मानसिक विकास, खेलकूद एवं मनोरंजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेल, रचनात्मक गतिविधियों और मनोरंजन की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी है।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने संस्थान के अभिलेखों एवं आवश्यक पंजियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से संबंधित सभी रिकॉर्ड को नियमानुसार अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने तथा संस्थान की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाल देख-रेख संस्थानों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और समुचित देखभाल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा साक्षी, सिविल सर्जन समस्तीपुर डॉ. राजीव कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।







