रजत मल्होत्रा
चंदौसी: केंद्र सरकार का महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन चंदौसी ब्लॉक के ग्राम पंचायत मानकपुर में पूरी तरह दम तोड़ता नजर आ रहा है। गांव की गलियों में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, नालियां चौक पड़ी हैं और चारों तरफ बदबू का आलम है, लेकिन जिम्मेदारों की नजर इस ओर नहीं पड़ रही।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम मानकपुर में नियमित सफाई नहीं होती है। कई-कई दिनों तक सफाईकर्मी गांव में नहीं आता। जिसके चलते नालियों का गंदा पानी गलियों में भर जाता है। कचरा उठान न होने से गांव के मुख्य रास्तों और चौराहों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं।
बच्चे और बुजुर्ग हो रहे बीमार –
गांव में फैली गंदगी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि गंदगी और जलभराव के कारण डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। बच्चों को स्कूल जाने में भी परेशानी होती है, उन्हें कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
शिकायत के बाद भी नहीं होती सुनवाई –
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार ग्राम प्रधान और सचिव से सफाई को लेकर शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। कागजों में तो हर महीने सफाई दिखाई जाती है, पर जमीन पर हालात जस के तस हैं।
ग्रामीणों की मांग –
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी संभल और खंड विकास अधिकारी बनियाखेड़ा से मांग की है कि ग्राम मानकपुर में सफाई व्यवस्था की जांच कराई जाए और नियमित रूप से सफाईकर्मी की ड्यूटी लगाकर गांव को गंदगी से निजात दिलाई जाए। साथ ही नालियों की सफाई और कचरा उठान की समुचित व्यवस्था की जाए।
मानकपुर में महीनों से सफाई नहीं हुई है। नालियां जाम पड़ी हैं, पानी गलियों में बह रहा है। प्रधान जी से कहो तो कहते हैं हो जाएगा, लेकिन होता कुछ नहीं। स्वच्छ भारत का नारा यहां फेल है।







