Home / Events / शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेन्द्रीपाली में मनाया गया ‘ई-कचरा प्रबंधन दिवस’ जागरूकता रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण एवं ई-कचरे के उचित निस्तारण का संदेश

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेन्द्रीपाली में मनाया गया ‘ई-कचरा प्रबंधन दिवस’ जागरूकता रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण एवं ई-कचरे के उचित निस्तारण का संदेश

अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
सेन्द्रीपाली, कोरबा (छत्तीसगढ़)। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेन्द्रीपाली में ई-कचरे से उत्पन्न होने वाले दुष्प्रभावों तथा उसके समुचित प्रबंधन एवं सुरक्षित निस्तारण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को ई-कचरे के पर्यावरण तथा मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने ई-कचरे की उत्पत्ति, उसके दुष्परिणामों, पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) की प्रक्रिया तथा उसके सुरक्षित निस्तारण के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर विद्यालय के व्याख्याता श्री एस. आर. श्रीवास ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान आधुनिक युग में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुके हैं। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, टेलीविजन, बैटरी एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अनुपयोगी हो जाने पर उन्हें अक्सर इधर-उधर फेंक दिया जाता है, जिससे ई-कचरे की समस्या गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि ई-कचरे का अनुचित निस्तारण मिट्टी, जल एवं वायु को प्रदूषित करता है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव मानव स्वास्थ्य, जीव-जंतुओं तथा संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ता है। अतः ई-कचरे को सामान्य कचरे से अलग रखना तथा उसे अधिकृत संग्रह केंद्रों तक पहुँचाना आवश्यक है।

विद्यालय के प्राचार्य श्री जे. आर. अजगल्ले ने अपने उद्बोधन में कहा कि ई-कचरा वर्तमान समय की एक गंभीर पर्यावरणीय चुनौती है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में पारा (मरकरी), सीसा (लेड) जैसी हानिकारक धातुएँ तथा अन्य विषैले पदार्थ पाए जा सकते हैं। यदि इनका उचित प्रबंधन एवं वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं किया गया, तो ये पर्यावरण और जीव-जंतुओं के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक बनें तथा अपने परिवार और समाज के लोगों को भी ई-कचरे के सुरक्षित प्रबंधन के प्रति जागरूक करें।

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय के विद्यार्थियों ने ई-कचरा प्रबंधन से संबंधित नारों एवं आकर्षक स्लोगनों के माध्यम से जागरूकता रैली निकाली। रैली के माध्यम से ग्रामवासियों को ई-कचरे को खुले स्थानों पर न फेंकने, उसे सामान्य कचरे से अलग रखने तथा उसके उचित संग्रहण एवं पुनर्चक्रण के महत्व का संदेश दिया गया।

इस जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की व्याख्याता श्रीमती माया देवी, श्रीमती शशी बिझवार एवं सुश्री वंदना यादव का विशेष योगदान रहा।

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व, स्वच्छता की भावना तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने का संदेश दिया। सभी ने इस संकल्प के साथ कार्यक्रम का महत्व आत्मसात किया कि “ई-कचरे का सही प्रबंधन, सुरक्षित पर्यावरण की पहचान।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[post-views]
Share
Now