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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल, नियमितीकरण और मानदेय वृद्धि की मांग

अशोक कुमार श्रीवास की खास रिपोर्ट
कटघोरा छत्तीसगढ़। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के आह्वान पर 27 अक्टूबर 2026 को प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया। आंदोलन के तहत ब्लॉक एवं जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन, सभा और रैली निकालकर कलेक्ट्रेट का घेराव कर शासन के समक्ष अपनी मांगें रखने की योजना बनाई गई। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा विभागीय सचिव के नाम ज्ञापन सौंपने की बात कही गई।

वर्षों से जिम्मेदारी निभा रहीं महिला कर्मी, फिर भी नियमितीकरण का इंतजार

संयुक्त मंच का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं वर्षों से बच्चों के पोषण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, मातृ-शिशु स्वास्थ्य तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा और सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल पाया है। कार्यों का बोझ लगातार बढ़ने और पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं नहीं मिलने के कारण महिला कर्मियों में नाराजगी है।

नियमितीकरण तक 30 हजार और 25,500 रुपये मानदेय की मांग

संयुक्त मंच की प्रमुख मांग है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियमित किया जाए। नियमितीकरण होने तक कार्यकर्ताओं को 30 हजार रुपये तथा सहायिकाओं को 25 हजार 500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।

इसके अलावा कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर और सहायिकाओं को कार्यकर्ता के पद पर सीधे पदोन्नति देने की मांग की गई है। पदोन्नति प्रक्रिया में उम्र की बाध्यता समाप्त करने की मांग भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

बीमा, पेंशन और सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सहायता की मांग

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच ने महिला कर्मियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी और भविष्य निधि (पीएफ) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। सेवा के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी की गई है।

मंच के अनुसार, सेवानिवृत्ति के समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पांच लाख रुपये और सहायिका को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। साथ ही मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि करने की मांग भी रखी गई है।

मांगें पूरी नहीं होने पर नए साल में अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

संयुक्त मंच की ओर से सुधा रात्रे सहित रुक्मिणी सज्जन, कविता यादव, हेमा भारती, कल्पना चंद, अनिता नायक, पिंकी ठाकुर, पार्वती यादव, सुचित्रा मानिकपुरी और संतोषी वर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार एक दिवसीय हड़ताल के बाद भी उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो नए साल में अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की तैयारी की जाएगी।

संयुक्त मंच ने सरकार से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शीघ्र समाधान निकालने की अपील की है। मंच का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को सफल बनाने में अहम योगदान देती हैं, इसलिए उनके मानदेय, सेवा शर्तों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का निराकरण किया जाना चाहिए।

जारीकर्ता: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच, छत्तीसगढ़।

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