भोपाल में डॉ. चरणदास महंत के निवास पर हुआ आत्मीय स्वागत, सांसद ज्योत्सना महंत और परिवार के सदस्यों ने की पूजा-अर्चना
भोपाल। मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में आध्यात्मिक प्रवचनों और धार्मिक आयोजनों के लिए प्रसिद्ध संत श्री रविशंकर जी महाराज, जिन्हें श्रद्धालु रावतपुरा सरकार के नाम से जानते हैं, का रविवार को भोपाल में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के निवास पर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, उनके पुत्र सूरज महंत सहित परिवार के सदस्यों ने महाराज श्री का श्रद्धापूर्वक अभिनंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान महंत परिवार ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत का परिचय देते हुए चांपा की प्रसिद्ध कांसा शिल्पकला से निर्मित स्मृति-चिह्न रावतपुरा सरकार को भेंट किया। यह भेंट छत्तीसगढ़ की पारंपरिक हस्तशिल्प कला के प्रति सम्मान और अपनी सांस्कृतिक पहचान को सहेजने का प्रतीक रही।
महाराज श्री के आगमन पर डॉ. चरणदास महंत के निवास पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। महंत परिवार ने महाराज श्री के साथ पधारे गुरुजनों का भी आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात पूजा-अर्चना की गई और परिवार के सदस्यों ने भोग-प्रसाद ग्रहण कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी रावतपुरा सरकार से आशीर्वाद प्राप्त किया।
आध्यात्मिक और जनकल्याणकारी कार्यों से जुड़ा है रावतपुरा धाम
रावतपुरा सरकार के नाम से प्रसिद्ध संत श्री रविशंकर जी महाराज लंबे समय से आध्यात्मिक एवं धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से श्रद्धालुओं के बीच सक्रिय हैं। रावतपुरा धाम की स्थापना वर्ष 1991 में की गई थी। इसके बाद वर्ष 2000 में श्री रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट की शुरुआत हुई। ट्रस्ट शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिक गतिविधियों के क्षेत्र में कार्य करता है।
महाराज श्री के धार्मिक आयोजनों में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु शामिल होते हैं। उनके प्रवचन और धार्मिक अनुष्ठान आध्यात्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को भी प्रोत्साहित करते हैं।
धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह
महाराज श्री के भोपाल प्रवास के दौरान 26 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित मां राजराजेश्वरी कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान का भी उल्लेख किया गया। ऐसे धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना, आध्यात्मिक चिंतन और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
भोपाल स्थित डॉ. चरणदास महंत के निवास पर हुआ यह आत्मीय मिलन श्रद्धा, पारिवारिक सौहार्द और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान का प्रतीक रहा। चांपा की प्रसिद्ध कांसा शिल्पकला से निर्मित स्मृति-चिह्न भेंट किए जाने से छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला को भी विशेष पहचान मिली।
— अशोक कुमार श्रीवास, एक्सप्रेस न्यूज़ भारत, बिलासपुर संभाग हेड










