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नुक्कड़ नाटक के माध्यम से राष्ट्रसेवा और सामाजिक जागरूकता का संदेश

अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
संकल्प सेवा अभियान के तहत सेन्द्रीपाली में ‘नमो वीर गाथा 2026’ का प्रभावी मंचन
सेन्द्रीपाली//संकल्प सेवा अभियान के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेन्द्रीपाली एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सेन्द्रीपाली की छात्राओं द्वारा ‘नमो वीर गाथा 2026’ नुक्कड़ नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया। छात्राओं ने अपने सशक्त अभिनय, प्रभावी संवाद और संदेशपरक प्रस्तुति के माध्यम से राष्ट्रसेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति आमजन को जागरूक किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यालयीन छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष विधिवत पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। विद्यालय के प्राचार्य श्री जे. आर. अजगल्ले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए उपस्थित अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
नशामुक्ति और स्वस्थ समाज का दिया संदेश
नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति के दौरान छात्राओं ने समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को गंभीर समस्या बताते हुए युवाओं को इससे दूर रहने का संदेश दिया। अभिनय के माध्यम से यह बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। छात्राओं ने युवाओं से अपनी शारीरिक एवं मानसिक ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाते हुए राष्ट्र एवं समाज के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
शिक्षा को बताया विकास की आधारशिला
नाटक में शिक्षा के महत्व को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। छात्राओं ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने तथा बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। प्रस्तुति के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति गंभीर होने और अपने ज्ञान का उपयोग समाजहित में करने के लिए प्रेरित किया गया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधारोपण की अपील
पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी छात्राओं ने प्रभावी संदेश दिया। नाटक के माध्यम से लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की देखभाल करने की अपील की गई। ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे संदेश के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ते हुए प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान
नुक्कड़ नाटक में स्वच्छता के महत्व को भी रेखांकित किया गया। छात्राओं ने स्वच्छ घर, स्वच्छ विद्यालय और स्वच्छ गांव के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को सामने रखा। उन्होंने लोगों से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, कचरे का उचित प्रबंधन करने तथा स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन की आदत बनाने का संदेश दिया।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के दौरान ‘विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका’ को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। छात्राओं ने अपने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि देश की युवा शक्ति यदि शिक्षा, अनुशासन, परिश्रम, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में आगे बढ़े तो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को गति मिल सकती है।
प्रभावी संवाद, भावपूर्ण अभिनय और आकर्षक प्रस्तुति के कारण नुक्कड़ नाटक ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। छात्राओं ने सामाजिक कुरीतियों और जनसमस्याओं को सरल एवं सहज तरीके से प्रस्तुत करते हुए दर्शकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया। प्रस्तुति के दौरान उपस्थित लोगों ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
जनप्रतिनिधियों एवं विद्यालय परिवार की रही सहभागिता
कार्यक्रम में सेजेस करतला के शाला प्रबंधन एवं विकास समिति अध्यक्ष श्री आकाश सक्सेना, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेन्द्रीपाली के SMDC अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र साहू, विद्यालय के प्राचार्य श्री जे. आर. अजगल्ले, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की अधीक्षिका श्रीमती सुनीता सिंह, ग्राम पंचायत सेन्द्रीपाली के सरपंच श्री पन्नालाल कंवर सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन व्याख्याता श्रीमती माया देवी ने किया। अंत में व्याख्याता श्री साधराम श्रीवास ने आभार प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समापन अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने छात्राओं की प्रस्तुति की मुक्तकंठ से सराहना की। ‘नमो वीर गाथा 2026’ के माध्यम से छात्राओं ने यह संदेश देने का सार्थक प्रयास किया कि राष्ट्र निर्माण केवल शासन या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवा पीढ़ी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नशामुक्ति, शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्व जैसे विषयों को मंच के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रयास निश्चित रूप से सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हुआ।

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