दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया के विरोध और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को नागरिक मार्च निकाला गया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के नेतृत्व में शुरू हुआ यह मार्च इंडिया गेट से जंतर-मंतर की ओर बढ़ा। प्रदर्शन में आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ सामाजिक कार्यकर्ता और अलग-अलग छात्र संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी। सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग कर अतिरिक्त बल तैनात किया। जनपथ मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 के पास जंतर-मंतर की तरफ जाने वाले रास्ते पर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखते दिखाई दिए।
फिरोज शाह रोड समेत आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस के साथ आरएएफ की तैनाती भी की गई। पुलिस ने मार्च में शामिल लोगों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ा दी। आयोजकों का कहना है कि यह प्रदर्शन एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उनकी आपत्तियों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है।
आप कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
इसी बीच आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इंडिया गेट की ओर बढ़ रहे आप कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। दिल्ली आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ बदसलूकी की गई।
उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद होने के बावजूद संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
दिल्ली में एसआईआर को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। नागरिक संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से इसे लेकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है, जबकि राजधानी में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस सुरक्षा और निगरानी बढ़ा रही है।






