ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर तीखी टिप्पणी की है। वहीं, दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद चर्चा में आए Gen Z आंदोलन पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामले पर सवाल उठाते हुए शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार के पहले दिए गए उस बयान का जिक्र किया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होने की बात कही थी। अविमुक्तेश्वरानंद ने इसी संदर्भ में सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें न दूध दिखाई दिया और न पानी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में जिन लोगों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, उन्हें ‘बली का बकरा’ बनाया जा सकता है। ये उनके द्वारा लगाए गए आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
Gen Z को लेकर क्या बोले शंकराचार्य?
Gen Z के आंदोलन पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने युवाओं को ‘हमारे बच्चे’ बताया। उन्होंने कहा कि जब बड़े लोग सच बोलने से पीछे हट रहे हैं, तब युवा खुलकर अपनी बात सामने रख रहे हैं।
उनके मुताबिक, नई पीढ़ी के युवा समाज में हो रही गलत चीजों को लेकर अपनी बात सहज और सीधे तरीके से रखते हैं। उन्होंने देश के विद्वानों और बुद्धिजीवियों से युवाओं के साथ खड़े होने की बात भी कही।
सरकार और युवाओं के बीच टकराव पर भी टिप्पणी
इससे पहले 28 सितंबर को जबलपुर में भी शंकराचार्य ने Gen Z आंदोलन को लेकर सरकार को युवाओं की समस्याएं सुनने और उनसे संवाद करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं और मांगों को समझने की जरूरत है।
उन्होंने छात्रसंघ चुनाव और युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी का मुद्दा भी उठाया तथा चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग भी रखी थी। यह उनका राजनीतिक/संवैधानिक व्यवस्था पर व्यक्त किया गया मत है।
राम मंदिर चढ़ावे का मामला फिर चर्चा में
राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामले पर अविमुक्तेश्वरानंद की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब इस मामले में ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों को लेकर सार्वजनिक चर्चा हुई है। एबीपी की रिपोर्ट के अनुसार, चंपत राय और अनिल मिश्रा को मामले में क्लीन चिट दिए जाने की बात सामने आई है और ट्रस्ट में नए सदस्यों की नियुक्ति भी हुई है।
शंकराचार्य ने इसी पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार की जांच और कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
बड़ी बात यह है कि…
एक तरफ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने यूपी सरकार और राम मंदिर चढ़ावे के मामले पर सवाल उठाए हैं, तो दूसरी तरफ Gen Z के युवाओं के समर्थन में संवाद और उनकी आवाज सुनने की जरूरत पर जोर दिया है। उनके बयानों के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।






