मकान पर कथित कब्जे के विरोध को लेकर विवाद, पीड़ित परिवार ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार
बरेली। थाना भमोरा क्षेत्र के गांव सरदारनगर में मकान पर कथित अवैध कब्जे को लेकर चल रहे विवाद में एक परिवार ने पड़ोस के कुछ लोगों पर घर में घुसकर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि हमले में गर्भवती महिला समेत चार लोग घायल हुए हैं। एक महिला के पैर में गंभीर चोट आई है और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवार ने भमोरा पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने और दूसरे पक्ष का साथ देने का भी आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मकान पर कब्जे को लेकर चल रहा विवाद
गांव सरदारनगर निवासी डिप्टी की पुत्री कुमकुम के मुताबिक, उनके परिवार का पड़ोस के लोगों से मकान को लेकर विवाद चल रहा है। कुमकुम का आरोप है कि पड़ोस के भागीरथ, रविन्द्र, वीरेंद्र, मनोहर, अर्जुन और मूर्ति उनके मकान (कोठी) पर कथित रूप से कब्जा करना चाहते हैं। परिवार ने इसका विरोध किया और विवाद को लेकर अदालत की शरण लेने की प्रक्रिया शुरू की।
पीड़ित पक्ष का दावा है कि दूसरे पक्ष को कोर्ट जाने की जानकारी मिलने के बाद विवाद और बढ़ गया। इसी रंजिश में 14 सितंबर को उनके घर पर हमला किया गया।
घर में घुसकर रॉड और डंडों से हमले का आरोप
कुमकुम ने आरोप लगाया कि 14 सितंबर को नामजद लोग और उनके परिवार की कुछ महिलाएं घर में घुस आईं। आरोप है कि लोहे की रॉड और डंडों से परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की गई। अचानक हुए हमले में परिवार के कई सदस्य घायल हो गए।
पीड़ित पक्ष के अनुसार तारावती के पैर में गंभीर चोट आई। परिवार का दावा है कि उनका पैर टूट गया है और उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुमकुम ने भी अपने साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है।
आठ माह की गर्भवती महिला को भी पीटने का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप राहुल की पत्नी संतोष के साथ मारपीट का है। परिवार के मुताबिक संतोष करीब आठ माह की गर्भवती हैं। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी स्थिति को नजरअंदाज करते हुए उनके साथ भी मारपीट की। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद घायल सदस्यों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान करीब डेढ़ साल के बच्चे दक्ष को उठाकर फेंक दिया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
भमोरा पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद थाना भमोरा में लिखित शिकायत दी गई, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। कुमकुम ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस दूसरे पक्ष का साथ दे रही है। हालांकि पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही इन आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार का यह भी आरोप है कि विवाद के बाद उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। आरोप है कि कार्रवाई आगे बढ़ाने पर परिवार के एक युवक को जान से मारने की धमकी दी गई है। इससे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।
एसएसपी से मांगी सुरक्षा और कार्रवाई
स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार ने अब एसएसपी बरेली को प्रार्थना पत्र दिया है। परिवार ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, कथित हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए कब्जे, मारपीट, धमकी और पुलिस की भूमिका संबंधी आरोप जांच का विषय हैं। भमोरा पुलिस अथवा आरोपित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।






