Home / News / फर्जी पत्रकार और मत्स्य अधिकारी बनकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

फर्जी पत्रकार और मत्स्य अधिकारी बनकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

बरेली। भोजीपुरा और देवरनियां थाना पुलिस ने खुद को पत्रकार और मत्स्य विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर रुपये वसूलने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य लोगों को डराकर नकद और ऑनलाइन माध्यम से रुपये लेते थे। पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।

पुलिस के अनुसार 11 सितंबर को भोजीपुरा क्षेत्र के साजिद ने शिकायत दी थी कि नौ सितंबर को मोबाइल फोन से कॉल कर खुद को मत्स्य विभाग का अधिकारी बताते हुए उसे डराया-धमकाया गया। आरोप है कि जेल भेजने की धमकी देकर उससे 70 हजार रुपये ले लिए गए। दोबारा रुपये मांगे जाने पर साजिद ने पुलिस से शिकायत की। मामले में भोजीपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आया फर्जी पत्रकार और अधिकारी का खेल

पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान गिरोह के सदस्यों द्वारा खुद को फर्जी मत्स्य अधिकारी अथवा पत्रकार बताकर लोगों से रुपये वसूलने की बात सामने आई। इसी क्रम में देवरनियां पुलिस ने भी छह सितंबर को मत्स्य विभाग का अधिकारी बनकर धमकाने और 13 हजार रुपये लेने के आरोप से जुड़े मुकदमे में कार्रवाई की।

पुलिस ने भोजीपुरा क्षेत्र के घंघोरा घंघोरी निवासी साजिद और इज्जतनगर क्षेत्र के कर्मपुर चौधरी निवासी मोहम्मद आजम को गिरफ्तार किया है। मोहम्मद आजम को पुलिस ने 11 सितंबर की रात करीब 9:50 बजे देवरनियां रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया।

पूछताछ में अन्य साथियों के नाम आए सामने

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके साथ अरविंद निवासी नामालूम, रिजवान खान निवासी कर्मपुर चौधरी और बसंत शर्मा निवासी जयग्राम, शहर गेट, कस्बा व थाना कासगंज भी कथित रूप से इस काम में शामिल थे। आरोपियों का दावा है कि गिरोह लोगों को पत्रकार, मत्स्य अधिकारी या दूसरे विभाग का अधिकारी बताकर मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने का डर दिखाता था। इसके बाद रुपये की मांग की जाती थी।

पुलिस के अनुसार मोहम्मद आजम ने पूछताछ में बताया कि वह फिलहाल बेरोजगार है और कोई निश्चित आय का साधन नहीं है। उसने कथित रूप से अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को डराकर रुपये वसूलने की बात स्वीकार की। पुलिस का कहना है कि कई लोगों से नकद और ऑनलाइन माध्यम से रकम लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

दो लाख रुपये से अधिक वसूली का दावा

पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक आरोपियों द्वारा इस तरीके से अब तक दो लाख रुपये से अधिक की अनुचित आर्थिक वसूली किए जाने की बात जांच में सामने आई है। पुलिस अब ऑनलाइन लेनदेन और अन्य संभावित पीड़ितों से जुड़ी जानकारी की जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

मोहम्मद आजम के खिलाफ पुलिस ने पूर्व में दर्ज कई मुकदमों का आपराधिक इतिहास भी बताया है। इनमें कासगंज के अलावा किला, देवरनियां और भोजीपुरा थानों में दर्ज मामले शामिल हैं।

भोजीपुरा और देवरनियां पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस पूरे मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना भोजीपुरा और थाना देवरनियां पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। कार्रवाई में उपनिरीक्षक तनवीर कुमार, थाना भोजीपुरा; उपनिरीक्षक शेखर खोखर, थाना देवरनियां; कांस्टेबल 2908 राजन, थाना देवरनियां; कांस्टेबल 3043 संदीप कुमार, थाना देवरनियां और हेड कांस्टेबल 1328 अंकुर कुमार, थाना भोजीपुरा शामिल रहे।

पुलिस टीम ने दोनों थानों में दर्ज मामलों की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस अब अरविंद, रिजवान खान और बसंत शर्मा समेत मामले में सामने आए अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को पत्रकार या सरकारी अधिकारी बनकर धमकाया और उनसे कुल कितनी रकम वसूली। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Tagged:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[post-views]
Share
Now