लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा
समस्तीपुर । मंडल रेल कार्यालय में गुरुवार को राजभाषा पखवाड़ा-2026 का उत्साहपूर्वक शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) के तत्वावधान में विशेष राजभाषा संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक, अपर मंडल रेल प्रबंधक सहित मंडल के अधिकारी मौजूद रहे।
समारोह में नराकास के अध्यक्ष सह क्षेत्रीय प्रबंधक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया प्रेमरंजन कुमार तथा विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार डॉ. संजय पंकज ने शिरकत की। केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों, उपक्रमों, बैंकों और पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय समेत कई संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
मुख्य वक्ता डॉ. संजय पंकज ने कहा कि हिंदी के संरक्षण और संवर्धन में केवल हिंदीभाषी ही नहीं, बल्कि देश के कई ऐसे महापुरुषों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिनकी मातृभाषा हिंदी नहीं थी। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, लोकमान्य तिलक, महात्मा गांधी, काकासाहब कालेलकर और सी. राजगोपालाचारी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदी को लेकर उनके विचार आज भी प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि हिंदी देश की विभिन्न भाषाओं और बोलियों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती है। सभी भारतीय भाषाओं को अपनी मूल लिपि के साथ नागरी लिपि में भी लिखने का अभ्यास करने पर जोर देते हुए उन्होंने रामचरितमानस और हिंदी को भारतीय सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार बताया।
कार्यक्रम में हिंदी की महत्ता और भाषाई समन्वय पर आधारित चार वीडियो क्लिप भी प्रदर्शित की गईं। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिंदी पर संदेश, गीतकार जावेद अख्तर के भाषाई आदान-प्रदान संबंधी विचार, अभिनेता आशुतोष राणा द्वारा ‘रश्मिरथी’ के तृतीय सर्ग का ओजपूर्ण पाठ तथा हास्य कवि अशोक चक्रधर की प्रस्तुति शामिल रही।
कार्यक्रम के अंत में मंडल वित्त प्रबंधक ने अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।









