रसीद बुक छपवाकर धन संग्रह, प्रत्याशी तलाशने के दबाव और पैसे मांगने के आरोपों के बीच संगठन में बड़ी बगावत
बरेली। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को बरेली में बड़ा संगठनात्मक झटका लगा है। संगठन से जुड़े 39 पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की है। इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने सबसे गंभीर आरोप आर्थिक लेन-देन और धन संग्रह को लेकर लगाए हैं। उनका आरोप है कि संगठन में रजिस्ट्रेशन के नाम पर ₹2 लाख और चुनावी टिकट के लिए ₹9 लाख तक की रकम मांगे जाने की बात कही जा रही थी। इसके अलावा रसीद बुक छपवाकर धन संग्रह कराने और संभावित प्रत्याशी तलाशने का दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
बरेली प्रेस क्लब में संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान पदाधिकारियों ने संगठन की मौजूदा कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि पैसे से जुड़ी गतिविधियों में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं दिखाई दे रही थी, जिससे कई पदाधिकारी असहज थे।
₹2 लाख रजिस्ट्रेशन, ₹9 लाख टिकट का आरोप
पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि संगठन में रजिस्ट्रेशन के नाम पर दो लाख रुपये और चुनावी टिकट के लिए नौ लाख रुपये तक की रकम की बात कही जा रही थी। इसके साथ ही पदाधिकारियों पर संभावित प्रत्याशी तलाशने और संगठन के लिए धन संग्रह करने का दबाव बनाए जाने का भी दावा किया गया।
उनका कहना है कि इन परिस्थितियों और संगठन की वर्तमान कार्यप्रणाली से असहमत होकर उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया। हालांकि इन आरोपों पर अलंकार अग्निहोत्री अथवा राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की ओर से पक्ष सामने आना बाकी है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
“राजनीतिक पार्टी नहीं, ट्रस्ट है राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा”
प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों ने दावा किया कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा कोई पंजीकृत राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि एक ट्रस्ट है। ऐसे में ट्रस्ट के नाम पर यदि किसी प्रकार का धन संग्रह किया जाता है तो उसमें पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और उचित प्रक्रिया का पालन होना चाहिए।
पदाधिकारियों ने कहा कि वे ऐसी किसी गतिविधि का हिस्सा नहीं बने रहना चाहते, जिससे भविष्य में उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा अथवा जिम्मेदारी पर सवाल खड़े हों।
जिला और महानगर स्तर के पदाधिकारी शामिल
सामूहिक इस्तीफा देने वालों में आर्येंद्र मिश्रा, अजय शर्मा, एकांश गुप्ता, राजीव शर्मा, शंभू पाठक, करण सारस्वत, प्रियांशु मिश्रा, सनी पांडे, अमित मिश्रा, अक्षय शुक्ला, दिनेश सक्सेना, अनिल तिवारी, विशाल शर्मा, जयनारायण शर्मा, करण शर्मा, अमित संस्कार, शिवांश शर्मा, उत्कर्ष मिश्रा, आयुष अग्रवाल, लक्ष्य अग्रवाल, हर्षित जायसवाल और देवांश संघर्ष सहित कई पदाधिकारी शामिल हैं।
इसके अलावा रजत संग्रहर, आशीष शर्मा, भागीरथ गोस्वामी, प्रिंस गुप्ता, विशाल सिंह, पंकज शर्मा, महेंद्र कुमार बेस्ट, संजीव शर्मा, सुभाष सक्सेना, सुबोध मिश्रा, आशीष मिश्रा, कुलदीप मिश्रा, भरत वाजपेई, कुमकुम सक्सेना, सुदीप शर्मा, संजीव गोस्वामी और अंकित सक्सेना ने भी पद छोड़ने की घोषणा की।
नाम और पद का इस्तेमाल न करने की मांग
इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने संगठन से उन्हें तत्काल प्रभाव से सभी दायित्वों से मुक्त करने की मांग की है। साथ ही कहा है कि इस्तीफा स्वीकार होने के बाद संगठन उनके नाम, पद, फोटो अथवा पहचान का इस्तेमाल किसी प्रचार-प्रसार या धन संग्रह की गतिविधि में न करे।
एक साथ 39 पदाधिकारियों के इस्तीफे से बरेली में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के संगठनात्मक ढांचे पर असर पड़ सकता है। अब निगाह इस बात पर है कि प्रदेश अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री और संगठन इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। फिलहाल ₹2 लाख रजिस्ट्रेशन और ₹9 लाख टिकट सहित अन्य वित्तीय आरोप इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।






