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रोसड़ा DCLR के सरकारी आवास पर निगरानी की छापेमारी, 13.80 लाख नकद बरामद होने की सूचना

लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा

सुबह 9 बजे से जारी है जांच-पड़ताल, कागजात और बरामद सामान को किया जा रहा व्यवस्थित; भूमि विवाद में पांच लाख रुपये मांगने की शिकायत पर कार्रवाई की बात, वॉशिंग मशीन भी जांच के दायरे में

समस्तीपुर/रोसड़ा। रोसड़ा की DCLR कंचन कुमारी झा के सरकारी आवास पर गुरुवार सुबह से निगरानी विभाग की कार्रवाई जारी है। करीब नौ बजे दो वाहनों से पुलिस बल के साथ पहुंची निगरानी विभाग की टीम ने आवास को अपने घेरे में लेकर जांच शुरू की। कई घंटे बाद भी जांच प्रक्रिया जारी है। मौके से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कागजातों और अन्य सामग्रियों को सुव्यवस्थित कर संबंधित प्रक्रिया पूरी की जा रही है और कार्रवाई में अभी करीब एक से डेढ़ घंटे का समय और लगने की संभावना जताई जा रही है।

कार्रवाई के दौरान करीब 13 लाख 80 हजार रुपये नकद बरामद होने की सूचना सामने आई है। हालांकि, बरामद राशि की गिनती और दस्तावेजी प्रक्रिया अभी जारी बताई जा रही है। निगरानी विभाग की ओर से इस संबंध में फिलहाल आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है। ऐसे में बरामदगी की अंतिम पुष्टि और पूरी कार्रवाई की तस्वीर आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट होगी।

भूमि विवाद से जुड़ा बताया जा रहा मामला

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह मामला विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के एक भूमि विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता मनोज कुमार कुशवाहा के अनुसार, भूमि विवाद के निराकरण की प्रक्रिया DCLR कार्यालय में चल रही थी। इसी दौरान कथित तौर पर उनसे रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब वह DCLR कंचन कुमारी झा से मिले तो उन्हें उनके कथित निजी कर्मचारी सुमित कुमार से बात करने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, सुमित से बातचीत के दौरान उन्हें बताया गया कि दूसरे पक्ष की ओर से सात लाख रुपये दिए जा रहे हैं। इसके बाद कथित तौर पर उनसे पहले दो लाख, फिर तीन लाख और अंततः पांच लाख रुपये की मांग किए जाने की बात कही गई।

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि इसी क्रम में उन्होंने एक वॉशिंग मशीन भी दी थी। उनके मुताबिक, निगरानी विभाग की कार्रवाई के दौरान वह वॉशिंग मशीन भी बरामद हुई है और उसका बिल भी उपलब्ध है। इन आरोपों और बरामदगी की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल निगरानी विभाग की आधिकारिक जानकारी से होना बाकी है।

शिकायतकर्ता ने निगरानी विभाग में की थी शिकायत

शिकायतकर्ता के मुताबिक, कथित मांग को लेकर उन्होंने निगरानी विभाग से शिकायत की थी। उनका कहना है कि उन्होंने पहले मामले को अपने स्तर से सुलझाने की कोशिश की और संबंधित अधिकारी को पर्याप्त समय दिया, लेकिन कथित मांग कम होने के बजाय बढ़ती चली गई। इसके बाद उन्होंने निगरानी विभाग का रुख किया।

शिकायतकर्ता ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्होंने गुरुवार को दो लाख रुपये दिए थे। उनके अनुसार, पांच लाख रुपये की मांग की गई थी और इसी मामले में निगरानी विभाग की कार्रवाई हुई है।

भूमि विवाद से संबंधित जमीन के बारे में शिकायतकर्ता ने बताया कि मामला करीब एक कट्ठा तीन धुर जमीन का है। उन्होंने दावा किया कि मामले से संबंधित जांच रिपोर्ट मौजूद रहने के बावजूद कथित तौर पर उनसे रुपये की मांग की गई।

‘मैडम पैसों की बात नहीं करती थीं, सुमित से बात करने को कहा’

शिकायतकर्ता के अनुसार, DCLR से पहली मुलाकात के दौरान उन्हें सुमित कुमार से बात करने को कहा गया। उनका दावा है कि सुमित से बातचीत के बाद उन्हें दोबारा DCLR से मिलने के लिए कहा गया और कथित तौर पर दूसरे पक्ष द्वारा सात लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद उनसे पांच लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि जब कथित मांग दो लाख से बढ़कर पांच लाख रुपये तक पहुंच गई तो उन्होंने निगरानी विभाग से संपर्क करने का निर्णय लिया।

स्थानीय स्तर पर भी उठ रहे सवाल

इधर, कार्रवाई की खबर फैलने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता रवींद्रनाथ सिंह ने भी DCLR पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि DCLR अपने स्टाफ के माध्यम से पैसे की वसूली करवाती थीं और कई मामलों में मोटी रकम लेकर आदेश पारित किए जाने की शिकायतें थीं।

उन्होंने रोसड़ा क्षेत्र के कबीर मठ से जुड़े भूमि मामले का भी उल्लेख करते हुए गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना बाकी है।

कार्रवाई पूरी होने के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल निगरानी विभाग की टीम सरकारी आवास में कागजात, नकदी और अन्य सामग्रियों की जांच कर रही है। बरामद बताई जा रही 13.80 लाख रुपये की नकदी, वॉशिंग मशीन और अन्य दस्तावेजों की आधिकारिक पुष्टि तथा कार्रवाई के आधार की जानकारी निगरानी विभाग की अंतिम कार्रवाई रिपोर्ट या आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट होगी।

DCLR कंचन कुमारी झा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। छापेमारी के बाद उनकी प्रशासनिक स्थिति को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं, हालांकि किसी तरह की कार्रवाई या पद से हटाए जाने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
संबंधित पदाधिकारी का आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि आने के बाद आगे खबर में प्राथमिकता से रखी जाएगी। जुड़े रहिए हमारे साथ।

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