लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा
समस्तीपुर/विभूतिपुर। बेलसंडी तारा पंचायत के फुलवरिया गांव में 38 वर्षीय कुल्फी विक्रेता मनोज सहनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार की रात घर के अंदर हुई मौत की जानकारी शनिवार सुबह उस वक्त मिली, जब एक ग्रामीण उसे खोजते हुए घर पहुंचा। दरवाजा खुला था, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। भीतर जाने पर मनोज जमीन पर पड़ा मिला।
शव के पास सल्फास, शरीर पर जलने के निशान
मनोज के शव के पास सल्फास का पुड़िया मिला। वहीं शरीर पर करेंट से जलने जैसे निशान भी देखे गए। ग्रामीणों के मुताबिक घर में कोई बिजली का तार उसके शरीर के संपर्क में नहीं था। न तो कोई तार टूटा मिला और न ही किसी विद्युत फॉल्ट की जानकारी सामने आई। दूसरी ओर, सल्फास का पुड़िया मिलने के बावजूद मुंह से झाग निकलने जैसी बात सामने नहीं आई। इन परिस्थितियों ने मौत की वजह को लेकर रहस्य और गहरा कर दिया है।
दोपहर में पत्नी से हुआ था विवाद
परिजनों के अनुसार शुक्रवार की दोपहर मनोज और उसकी पत्नी चांदनी देवी के बीच विवाद हुआ था। चांदनी देवी का आरोप है कि पति ने उसके साथ मारपीट की थी। इसके बाद वह अपने चार बच्चों—दो पुत्र बजरंग कुमार और शिवराज कुमार तथा दो पुत्रियों ज्योति कुमारी और संजना कुमारी—को लेकर मायके चली गई थी। शनिवार सुबह उसे देवर के माध्यम से पति की मौत की जानकारी मिली।
ग्रामीणों ने जताई हत्या की आशंका
घटना के बाद मौके पर जुटे ग्रामीणों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। शरीर पर मिले जलने जैसे निशान और घर में किसी टूटे तार के नहीं मिलने को लेकर कुछ ग्रामीण हत्या की आशंका जता रहे हैं। हालांकि यह केवल ग्रामीणों की आशंका है और पुलिस ने फिलहाल मौत के कारण को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है।
पुलिस ने शव भेजा पोस्टमार्टम के लिए
सूचना मिलते ही अपर थानाध्यक्ष शिवनारायण कुमार और एसआई अरशद इमाम अंसारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पांच भाइयों में सबसे बड़ा था मनोज
मनोज पांच भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके छोटे भाई श्रवण सहनी, सिकेंदर सहनी, जितेंद्र सहनी और कृष्ण कुमार हैं। परिजनों के अनुसार जितेंद्र कुमार की भी करीब एक वर्ष पूर्व जहर खाने से मौत हो चुकी है। मनोज की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
हर सवाल का जवाब अब जांच में
मनोज की मौत हादसा है, आत्महत्या या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश—फिलहाल इसका जवाब सामने नहीं आया है। शव के पास मिला सल्फास का पुड़िया, शरीर पर जलने जैसे निशान और घर की परिस्थितियां जांच के केंद्र में हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की वैज्ञानिक जांच से ही इस रहस्यमयी मौत का सच सामने आ सकेगा।
मृतक की मां, पत्नी, बच्चों और भाइयों समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।










