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रोसड़ा की धरती पर गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’, महाकवि आरसी प्रसाद सिंह की जयंती पर सजेगा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

रोसड़ा। साहित्य की उर्वर धरती रोसड़ा एक बार फिर राष्ट्रभावना, कविता और संस्कृति के सुरों से सराबोर होने जा रही है। हिन्दी साहित्य के अमर साधक एवं रोसड़ा की धरती के सपूत महाकवि आरसी प्रसाद सिंह की जयंती के पावन अवसर पर राष्ट्रीय कवि संगम के तत्वावधान में 19 अगस्त को भव्य ‘वंदे मातरम् अखिल भारतीय कवि सम्मेलन’ का आयोजन किया जाएगा।

रोसड़ा स्थित महाराजा रिसॉर्ट में बुधवार की संध्या 5:30 बजे से होने वाला यह आयोजन महज कवि सम्मेलन नहीं, बल्कि साहित्य, राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम होगा। महाकवि आरसी प्रसाद सिंह की साहित्य साधना को नमन करते हुए देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं में राष्ट्रभक्ति और साहित्यिक चेतना की अलख जगाएंगे।

कार्यक्रम की संयोजिका शेफालिका झा, राष्ट्रीय कवि संगम महिला इकाई, बिहार की पदाधिकारी सह शिक्षिका हैं और स्वयं भी बिहार की चर्चित कवयित्री के रूप में साहित्यिक जगत में अपनी पहचान रखती हैं। उनके संयोजन में होने वाले इस आयोजन को लेकर साहित्यप्रेमियों में खासा उत्साह है।

कवि सम्मेलन में बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) के शिवकुमार व्यास, दिल्ली के रसिक गुप्ता, पटना के चंदन द्विवेदी, बेगूसराय के अशांत भोला, समस्तीपुर के दिवाकर दिव्यंक, मुजफ्फरपुर के विवेक वशिष्ठ तथा रोसड़ा की शेफालिका झा अपनी काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

महाकवि आरसी प्रसाद सिंह की जयंती पर आयोजित यह संध्या उनकी साहित्य साधना और रोसड़ा की गौरवशाली साहित्यिक विरासत को याद करने का अवसर भी होगी। आयोजक शेफालिका झा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ कवि सम्मेलन साहित्य और राष्ट्रभावना के मिलन का ऐसा मंच है, जहां कविता केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति संवेदना जगाने का माध्यम बनेगी।

उन्होंने बताया कि महाकवि आरसी प्रसाद सिंह ने अपना जीवन काव्य और साहित्य सेवा को समर्पित किया। उनकी जयंती पर आयोजित यह साहित्यिक संध्या रोसड़ा की सांस्कृतिक स्मृतियों में एक नई कड़ी जोड़ने का प्रयास है।

राष्ट्रीय कवि संगम की ओर से साहित्यप्रेमियों, बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस साहित्यिक महोत्सव को यादगार बनाने की अपील की गई है। बुधवार की शाम रोसड़ा की धरती पर जब कविता के स्वर में ‘वंदे मातरम्’ गूंजेगा, तो यह आयोजन महाकवि आरसी प्रसाद सिंह को सच्ची साहित्यिक श्रद्धांजलि के रूप में याद किया जाएगा।

लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा

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