ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी शिवगढ़ यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी। इस दौरान उन्होंने गाय संरक्षण से लेकर राम मंदिर तक पर खुलकर बयान दिया।
राम मंदिर को लेकर उन्होंने कहा कि वर्तमान स्वरूप में यह उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय जैसा प्रतीत होता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जब मंदिर का निर्माण पूरी तरह से संपन्न हो जाएगा, तब वह स्वयं भी दर्शन के लिए जाएंगे और देशभर के श्रद्धालु भी वहां पहुंचेंगे।
शंकराचार्य ने गौ संरक्षण को लेकर भी जोरदार अपील की। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है और उसे सम्मान तथा संरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने गाय को “राष्ट्रीय माता” का दर्जा दिए जाने की मांग दोहराते हुए कहा कि समाज को गौ सेवा और गौ रक्षा के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि गाय को केवल एक पशु के रूप में न देखें, बल्कि भारतीय जीवन मूल्यों और संस्कृति के प्रतीक के रूप में उसका सम्मान करें। उनके इस बयान के बाद धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, राम मंदिर को बताया RSS-भाजपा का कार्यालय…..






