अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में अयोध्या बार एसोसिएशन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ प्रमुख पदाधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। एसोसिएशन ने स्थानीय पुलिस को लिखित तहरीर देकर आरोपों की निष्पक्ष जांच और मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
बार एसोसिएशन की ओर से दी गई शिकायत में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और मंदिर निर्माण से जुड़े गोपाल राव का नाम शामिल किया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि चढ़ावे के प्रबंधन और उससे जुड़े वित्तीय मामलों की पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जांच का दायरा सीमित नहीं रहना चाहिए।
बार एसोसिएशन का यह भी कहना है कि राम मंदिर देश की आस्था का केंद्र है, इसलिए उससे जुड़े किसी भी आर्थिक या प्रशासनिक मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी आधार पर पुलिस से निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
हालांकि, अब तक पुलिस की ओर से इस शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस ने तहरीर मिलने की बात स्वीकार करते हुए कहा है कि शिकायत का परीक्षण किया जाएगा और उपलब्ध तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, जिन लोगों के खिलाफ शिकायत दी गई है, उनकी ओर से इस तहरीर पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
राम मंदिर से जुड़े इस प्रकरण पर देशभर की नजर बनी हुई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस प्रारंभिक जांच के बाद क्या निर्णय लेती है और क्या इस मामले में आगे FIR दर्ज होती है या नहीं। फिलहाल यह मामला जांच की प्रक्रिया में है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
नहीं बच पाएंगे बीजेपी के चहिते चंपत और मिश्रा बार एसोसिएशन दर्ज करायगी ….






