उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां न्याय की मांग को लेकर थाने पहुंची एक महिला रेसलर ने पुलिस स्टेशन के भीतर ही खुद को आग लगा ली। घटना कोतवाली शहर थाने की है, जहां रविवार रात करीब 10 बजकर 45 मिनट पर अचानक अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि महिला सीधे इंस्पेक्टर के चैंबर में पहुंची और अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। आग की लपटें उठते ही वह मदद के लिए चिल्लाने लगी और इधर-उधर भागने लगी। इस दौरान चैंबर में लगे पर्दों ने भी आग पकड़ ली, जिससे पूरे थाने में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया और महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए मेरठ रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार महिला करीब 60 प्रतिशत तक झुलस चुकी है और उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला का एक फौजी युवक के साथ प्रेम संबंध था। महिला का आरोप है कि युवक ने शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में अपने वादे से पीछे हट गया। इसी मामले को लेकर महिला ने उसके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा भी दर्ज कराया था। हालांकि आरोपी ने अदालत से गिरफ्तारी पर स्टे हासिल कर रखा है, जिसके चलते पुलिस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
सूत्रों के मुताबिक इसी बात से नाराज और परेशान होकर महिला ने यह कदम उठाया। घटना के बाद पुलिस विभाग में भी जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी अमर सिंह राठौर को निलंबित कर दिया है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक पीड़ित महिला को ऐसा कदम उठाने की नौबत क्यों आई? क्या उसे समय पर न्याय का भरोसा नहीं मिल पाया, या फिर व्यवस्था की धीमी रफ्तार ने उसे निराश कर दिया? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच जारी है।






