मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और कार्रवाई की मांग
बरेली। मतदाता सूची में नाम काटे जाने के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। रविवार को जिला पार्टी कार्यालय पर हुई प्रेसवार्ता में सपा नेताओं ने निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। नेताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर के बाद अब एसएसआर के जरिए भी मतदाता सूची में बदलाव की तैयारी है।
सपा नेताओं ने दावा किया कि बरेली में एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने दावा किया कि शहर विधानसभा क्षेत्र में करीब 1.17 लाख और कैंट विधानसभा क्षेत्र में करीब एक लाख मतदाता कम हुए हैं। पार्टी नेताओं ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम ने आरोप लगाया कि भोजीपुरा क्षेत्र में अतीक अहमद अंसारी नाम के एक जीवित व्यक्ति को एसआईआर के दौरान मृत घोषित कर उनका वोट काट दिया गया। विधायक के मुताबिक शिकायत के बाद संबंधित व्यक्ति का वोट दोबारा बनाए जाने की कार्रवाई हुई। उन्होंने इसे मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बताया।
दो से आठ अक्टूबर तक अभियान
पूर्व मंत्री अताउर्रहमान ने बताया कि सपा की ओर से दो से आठ अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, बंगाल और महाराष्ट्र में भी विपक्ष समर्थक मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाया।
8 अक्टूबर को निकलेगा ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च
अताउर्रहमान ने बताया कि आठ अक्टूबर को सुबह 11 बजे सपा कार्यालय से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च निकाला जाएगा। मार्च डॉ. आंबेडकर पार्क होते हुए गांधी पार्क पहुंचेगा। पार्टी ने कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों से भी मार्च में शामिल होने की अपील की है।
पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने कहा कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग दोहराई। प्रेसवार्ता में पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, पूर्व विधायक सुल्तान बेग, पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर समेत पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।






