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बाबा बागेश्वर का फिर बेतुका बयान करवा चौथ को बताया खसम पूजन दिवस बोले हमने….

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने करवा चौथ को लेकर ऐसा मजेदार बयान दिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। बाबा बागेश्वर ने करवा चौथ को नया नाम देते हुए पति-पत्नी के रिश्तों पर भी दिलचस्प टिप्पणी की।

नई शादी और करवा चौथ के सवाल पर बाबा का अनोखा जवाब

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा नगर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सात दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। 24 अक्टूबर से शुरू हुई यह कथा 30 अक्टूबर तक चलेगी। इसी आयोजन के दौरान 26 अक्टूबर को आयोजित ‘सीधी बात’ कार्यक्रम में एक श्रद्धालु के सवाल ने पूरे माहौल को हंसी-ठिठोली में बदल दिया।

दरअसल, एक युवक ने बाबा बागेश्वर से पूछा कि उसकी हाल ही में शादी हुई है। ऐसे में क्या उसकी पत्नी इस बार करवा चौथ का व्रत रख सकती है? सवाल सुनते ही धीरेंद्र शास्त्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया और करवा चौथ को ‘खसम पूजन दिवस’ कहकर संबोधित किया।

एक दिन व्रत और बाकी 364 दिन ताने क्यों?

बाबा बागेश्वर ने अपने जवाब में पति-पत्नी के बीच होने वाली छोटी-मोटी नोकझोंक पर भी व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि करवा चौथ पर महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए उपवास और प्रार्थना करती हैं, लेकिन रिश्ते में प्रेम और सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक दिन पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा जाए और साल के बाकी 364 दिन शादी को लेकर शिकायतें और ताने दिए जाएं।

उनकी इस टिप्पणी पर कथा में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच हंसी का माहौल बन गया।

करवा चौथ के व्रत को लेकर दिया खास संदेश

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने करवा चौथ की परंपरा को लेकर कहा कि व्रत के साथ एक सकारात्मक संकल्प भी जरूरी है। उनके मुताबिक, पति की लंबी उम्र और खुशहाली की कामना के साथ-साथ वैवाहिक जीवन में आपसी समझ, प्रेम और सम्मान बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने समझाया कि जिस श्रद्धा और समर्पण के साथ करवा चौथ पर प्रार्थना की जाती है, वही भावना पूरे वर्ष रिश्ते में दिखाई देनी चाहिए। तभी इस पर्व का वास्तविक उद्देश्य सार्थक माना जा सकता है।

सोशल मीडिया पर चर्चा में बाबा बागेश्वर का बयान

शिवपुरी की श्रीराम कथा में दिया गया बाबा बागेश्वर का यह बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर रहा है। खास तौर पर करवा चौथ को ‘खसम पूजन दिवस’ कहने वाली उनकी टिप्पणी लोगों का ध्यान खींच रही है।

धार्मिक कथा के बीच हास्य के जरिए वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान का संदेश देने का उनका अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है।

फिलहाल, करेरा में चल रही श्रीराम कथा के बीच बाबा बागेश्वर की यह टिप्पणी धार्मिक संदेश के साथ-साथ अपने अनोखे अंदाज को लेकर भी सुर्खियों में है।

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