फ्रांस में बढ़ती महंगाई और जीवनयापन के खर्च को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में करीब 4.10 लाख लोग सड़कों पर उतरे और सरकार के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती कीमतों और आम लोगों पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को लेकर आवाज उठाई।
प्रदर्शन का असर राजधानी पेरिस में भी देखने को मिला, जहां कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इन कार्रवाइयों के बीच राजधानी में स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
फ्रांस में प्रदर्शन सिर्फ महंगाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के लिए फंडिंग, बेहतर सार्वजनिक सेवाओं, वेतन और पेंशन जैसे मुद्दे भी आंदोलन का हिस्सा बने। छात्र, शिक्षक, कर्मचारी और ट्रेड यूनियनों से जुड़े लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे।
फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, देशभर में प्रदर्शनकारियों की संख्या करीब 4.10 लाख रही, जबकि CGT ट्रेड यूनियन ने यह आंकड़ा लगभग 8 लाख बताया। पेरिस में पुलिस के अनुसार करीब 1.10 लाख लोगों ने मार्च में हिस्सा लिया। राजधानी में प्रदर्शन के दौरान 64 लोगों को गिरफ्तार किए जाने और 40 लोगों को पुलिस हिरासत में रखे जाने की जानकारी भी सामने आई।
इन प्रदर्शनों ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार के सामने बढ़ती महंगाई, आर्थिक असमानता और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी चुनौतियों को फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल देश के कई शहरों में हुए प्रदर्शनों के बाद सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।






