अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
करतला//ग्राम पंचायत नोनदरहा के बरभांठा स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। करतला परियोजना अधिकारी श्रीमती रागनि प्रधान के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों, जनप्रतिनिधियों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को संतुलित आहार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा कुपोषण से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को पोषण से जुड़े 10 महत्वपूर्ण संदेशों की जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि स्वस्थ शरीर के लिए भोजन में सभी आवश्यक पोषक तत्वों का संतुलित मात्रा में शामिल होना जरूरी है। विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं माताओं के लिए पौष्टिक और संतुलित आहार का विशेष महत्व बताया गया। ग्रामीणों को भोजन में दाल, अनाज, हरी सब्जियां, मौसमी फल सहित स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रम हुआ आयोजित
राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र में अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। अन्नप्राशन कार्यक्रम के माध्यम से छोटे बच्चों को निर्धारित समय पर पूरक आहार शुरू करने के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यकर्ताओं ने बताया कि बच्चों के विकास के लिए मां के दूध के साथ उचित समय पर पौष्टिक पूरक आहार देना आवश्यक है।
वहीं गोदभराई कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा आवश्यक सावधानियां बरतने के संबंध में जागरूक किया गया। महिलाओं को बताया गया कि गर्भावस्था के दौरान मां के खान-पान और स्वास्थ्य का प्रभाव मां एवं गर्भस्थ शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसलिए भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, अनाज, फल एवं अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना आवश्यक है।
पोषण जागरूकता को लेकर निकाली गई रैली
कार्यक्रम के दौरान पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए गांव में जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली में ग्रामीणों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। रैली के माध्यम से संतुलित आहार अपनाने, बच्चों एवं माताओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखने, स्वच्छता बनाए रखने तथा कुपोषण से बचाव के संदेश दिए गए।
हरी सब्जियों और पोषण सामग्री की लगाई गई प्रदर्शनी
आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में हरी सब्जियों एवं विभिन्न पोषण सामग्री की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का उपयोग कर पौष्टिक भोजन तैयार करने के तरीके बताए गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पौष्टिक भोजन के लिए हमेशा महंगे खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध अनाज, दाल, सब्जियों, फल एवं अन्य खाद्य पदार्थों का संतुलित उपयोग कर परिवार के लिए पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है।
इस अवसर पर बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में पोषण की भूमिका पर भी चर्चा की गई। ग्रामीणों से बच्चों के भोजन, स्वच्छता, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई।
जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में जनपद सदस्य पति श्री कलम सिंह राठिया, सरपंच श्री पुनीराम राठिया सहित पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में सुरीति पटेल, जानकी, किरण, शारदा, बिलातमी, रुकसाना, कौशिल्या, कमला, महेश्वरी एवं रत्ना सहित सहायिका दिलमती, दुर्गाबाई, पुरातन आदि की सक्रिय सहभागिता रही।
अन्नप्राशन कार्यक्रम में भगवती बाई एवं उषा तथा गोदभराई कार्यक्रम में खीर बाई, समारी बाई, छतबाई, सावन, कविता, वृंदावन, मीनाबाई, झूल बाई, पुनीता एवं रुखसार बानो सहित सक्रिय महिलाओं ने सहभागिता की। इसके अलावा डोरेलाल, पंच बंसीलाल, विष्णु लाल, रामदयाल, गिवनंदन, गुरुव राम पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
पोषण के प्रति व्यवहार में बदलाव जरूरी : सुपरवाइजर कौशिल्या बरेठ
इस अवसर पर सुपरवाइजर कौशिल्या बरेठ ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत बरभांठा नोनदरहा के सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को अन्नप्राशन, गोदभराई और पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी दी गई। उन्होंने महिलाओं और ग्रामीणों से बच्चों तथा माताओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने और पोषण संबंधी जानकारी को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि केवल पोषण संबंधी जानकारी प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवार के खान-पान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना भी जरूरी है। बच्चों को समय पर पौष्टिक आहार, स्वच्छ वातावरण और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने से उनके बेहतर शारीरिक एवं मानसिक विकास में मदद मिलती है।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों को पौष्टिक एवं संतुलित आहार अपनाने, बच्चों एवं माताओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने, स्वच्छता बनाए रखने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए पोषण के प्रति जागरूकता के साथ-साथ व्यवहार में सकारात्मक बदलाव भी आवश्यक है













