उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार सुरक्षा मंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन, स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था और विभागों की जवाबदेही तय करने की उठाई मांग
बरेली। शहर में भारी बारिश के बाद हुए जलभराव से आम नागरिकों और व्यापारियों को हुए नुकसान का मुद्दा अब जोर पकड़ने लगा है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार सुरक्षा मंडल ने प्रभावित क्षेत्रों का वार्डवार सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और पात्र लोगों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन की ओर से जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
मंडल अध्यक्ष गौरव सक्सेना एडवोकेट के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि भारी वर्षा के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई। पानी घरों के साथ-साथ दुकानों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी पहुंच गया, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। संगठन ने प्रशासन से नुकसान का वास्तविक आकलन कराने के लिए प्रभावित इलाकों में टीम भेजने की मांग की है।
दुकानों में रखा माल और मशीनरी प्रभावित
गौरव सक्सेना एडवोकेट ने बताया कि जलभराव के कारण कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों में रखा सामान प्रभावित हुआ है। दुकानों में पानी घुसने से माल, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मशीनरी और कच्चे माल को नुकसान पहुंचा है। छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए इस तरह का नुकसान आर्थिक रूप से बड़ी परेशानी पैदा कर सकता है।
व्यापार मंडल ने मांग की कि प्रशासन केवल सामान्य आकलन तक सीमित न रहे, बल्कि वार्डवार सर्वे कराकर प्रत्येक प्रभावित घर और व्यापारिक प्रतिष्ठान का स्थल निरीक्षण कराया जाए। नुकसान का उचित दस्तावेजीकरण भी किया जाए, जिससे वास्तविक रूप से प्रभावित लोगों को नियमानुसार सहायता मिल सके।
आपदा राहत मानकों के तहत सहायता की मांग
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि सर्वे के बाद जो लोग निर्धारित नियमों और आपदा राहत मानकों के अंतर्गत पात्र पाए जाएं, उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। संगठन का कहना है कि जलभराव से प्रभावित व्यापारियों और नागरिकों को तत्काल राहत मिलने से उन्हें नुकसान से उबरने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में तेजी से पानी की निकासी कराने की मांग की गई है। पानी उतरने के बाद गंदगी और संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए व्यापक स्तर पर सफाई और कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव कराने की आवश्यकता भी बताई गई है।
प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग
व्यापार मंडल ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। संगठन ने कहा कि बारिश और जलभराव के बाद दूषित पानी एवं गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय किया जाना चाहिए।
बार-बार जलभराव वाले इलाकों के लिए बने स्थायी योजना
व्यापार मंडल ने प्रशासन का ध्यान शहर में बार-बार जलभराव की समस्या झेलने वाले क्षेत्रों की ओर भी दिलाया है। ज्ञापन में मांग की गई कि ऐसे इलाकों को अलग से चिन्हित कर वहां जल निकासी की स्थायी व्यवस्था तैयार की जाए। नालों, सीवर और ड्रेनेज नेटवर्क की क्षमता तथा मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर दीर्घकालीन कार्ययोजना बनाई जाए।
संबंधित विभागों की जवाबदेही हो तय
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार सुरक्षा मंडल ने जलभराव की समस्या के लिए जिम्मेदार व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि हर बार बारिश के बाद यदि वही इलाके जलभराव से प्रभावित होते हैं तो इसके कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।
व्यापार मंडल ने जिला प्रशासन से ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई है, ताकि प्रभावित नागरिकों और व्यापारियों को राहत मिल सके और भविष्य में भारी बारिश के दौरान शहर को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।






