बिहार में आयोजित मुख्यमंत्री के जॉब फेयर से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि रोजगार की उम्मीद में उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया, लेकिन दिल्ली पहुंचने के बाद उसकी स्थिति पूरी तरह बदल गई।
पीड़िता के मुताबिक, उसे दिल्ली ले जाने के बाद एक कमरे में रखा गया और बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई। युवती का आरोप है कि उसके साथ जबरदस्ती की गई और वीडियो कॉल के जरिए कुछ लोगों को उसे दिखाया जाता था। उसने यह भी दावा किया कि नौकरी का भरोसा देकर उसे ऐसे हालात में धकेल दिया गया, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की थी।
जॉब फेयर में मिला था नियुक्ति पत्र
बताया जा रहा है कि युवती को मुख्यमंत्री के जॉब फेयर के दौरान नौकरी से संबंधित नियुक्ति पत्र मिला था। इसी के आधार पर वह बेहतर रोजगार की उम्मीद लेकर आगे बढ़ी। लेकिन दिल्ली पहुंचने के बाद कथित तौर पर उसके साथ धोखाधड़ी और शोषण का सिलसिला शुरू हो गया।
पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप
युवती ने अपने बयान में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि उसे उसकी इच्छा के खिलाफ कमरे में रखा गया और दूसरे लोगों से संपर्क कराने के लिए मजबूर किया गया। मामले में मानव तस्करी, जबरन शोषण और नौकरी के नाम पर युवाओं को फंसाने जैसे सवाल भी उठ रहे हैं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
मामले ने रोजगार मेले के जरिए युवाओं को मिलने वाले अवसरों और भर्ती प्रक्रिया की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि युवती को नौकरी के नाम पर दिल्ली कौन लेकर गया और उसके साथ वास्तव में क्या हुआ।
पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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