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रेलवे द्वारा कोथारी माइनर अवरुद्ध किए जाने से 600 से 700 एक्कड़ सिंचित भूमि पर संकट, किसानों ने महाप्रबंधक से की हस्तक्षेप की मांग !

अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
कोरबा//करतला जनपद अध्यक्ष श्रीमती अशोका विश्राम कंवर के मार्गदर्शन में कोथारी एवं पचपेड़ी के किसानों ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर कोथारी माइनर (R.D 0.6900) पर रेलवे विभाग द्वारा किए गए अवरोध क तत्काल हटाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि चांपा नहर से ग्राम कोथारी के R.D. 0.6900 से निकलने वाली कोथारी माइनर क
निर्माण ग्राम कोथारी एवं पचपेड़ी की कषि भूमि की सिंचाई के उद्देश्य से किया गया था। आरोप है कि रेलवे विभाग द्वारा नाली निर्माण के दौरान इस माडनर को अवरुद्ध कर दिय गया, जिससे लगभग 600 से “700 एकड़ कृषि भूमि की
सिंचाई प्रभावित हो गई है।
किसानों का कहना है कि पिछले करीब 50 वर्षों से इस माइनर के माध्यम से दोनों गांवों के किसान धान की खेती करते आ रहे हैं। यदि जल्द ही अवरोध नहीं हटाया गया तो सैकडों किसानों की फसल प्रभावित होगी और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने महाप्रबंधक से मांग की है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हए कोथारी माइनर में किए गए अवरोध को अविलंब हटाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि सिंचाई व्यवस्था पुनः सूुचारु हो सके और किसानों को होने वाली संभावित क्षति से बचाया जा सके। जनपद अध्यक्ष श्रीमती अशोका विश्राम कंवर ने बताया कि मण्डल रेलवे प्रबंधक (DRM) ने किसानों को जल्द कार्यवाही का भरोसा दिलाया है।

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