अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
भैसमा//किसानों को सहकारिता की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों एवं योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कोरबा जिले के भैसमा स्थित आदिवासी सेवा सहकारी समिति प्रांगण में सहकारी सप्ताह एवं कृषक सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे सहकारी सप्ताह के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें जिले के सभी सहकारी समिति क्षेत्र से आए बड़ी संख्या में किसान, जिले के सभी सहकारी समिति के प्रबंधक ,कंप्यूटर ऑपरेटर सहकारी समिति के कर्मचारी जनप्रतिनिधियों, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों तथा अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर के अध्यक्ष रजनीश सिंह ने सहकारिता क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान हुए बदलावों और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि मंत्रालय से अलग एक स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया था। इस मंत्रालय का दायित्व केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को सौंपा गया, जिसके बाद से देशभर में सहकारिता आंदोलन को नई गति और मजबूती मिली है।
रजनीश सिंह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना का उद्देश्य किसानों, ग्रामीणों और छोटे व्यवसायियों को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को ऋण, खाद, बीज, कृषि उपकरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और कृषि उत्पादन में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली है।
उन्होंने बताया कि 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक देशभर में सहकारी सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में कोरबा जिले के भैसमा में कृषक सम्मेलन आयोजित कर किसानों को सहकारिता की ताकत, आधुनिक कृषि तकनीकों और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई। सम्मेलन का उद्देश्य किसानों को जागरूक करना और उन्हें सहकारी संस्थाओं से अधिकाधिक जुड़ने के लिए प्रेरित करना रहा।
अपने संबोधन में रजनीश सिंह ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के अंतर्गत आने वाले कोरबा समेत सभी छह जिलों में किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से अपने आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं बल्कि सामूहिक विकास का मजबूत माध्यम है, जिसके जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
सम्मेलन में पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ,कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, सहकारिता संयोजक बी.डी. शर्मा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया,श्रीमती सुष्मिता अनंत, मंडल अध्यक्ष किशन साव, कुल सिंह कंवर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मिश्रा, उपायुक्त सहकारी संस्थाएं कोरबा मती मिंज , नोडल अधिकारी सुशील जोशी, सहकारी निरीक्षक श्रीमती सुभद्रा सिदार, लक्ष्मी नारायण जायसवाल, जिले के सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक श्रीमती सरिता पाठक, सतीश राठौर, रोहित राठौर, अजय साहू, रेवती रमण कश्यप ,श्रीमती नेहा पांडेय ,मणिशंकर मिश्रा, जमाल खान,बलराम कश्यप, पीयूष गुरुद्वान, समिति भैसमा के प्राधिकृत अधिकारी श्रीमती सुभद्रा सिदार, प्रबंधक तुलेश्वर कौशिक, समिति क्षेत्र के प्रबंधक चंद्रेश, कश्यप प्यारेलाल साहू ,दुलीचंद धीवर, ललित रजक, श्रीमती सरोज लता ,नर्मदा देवांगन ,अशोक दुबे ,सुखदेव साहू ,चंद्रशेखर केवट, राजकुमार साहू ,वेद प्रकाश वैष्णव ,ऋषि पांडेय, जबल सिंह ,विजेंद्र गोस्वामी, अरुण कश्यप ,राधेश्याम कश्यप, रंजीत कंवर ,अनिल कश्यप ,आनंद कौशिक ऑपरेटर संघ से श्रीमती राजकुमारी साहू ,मुरली मनोहर दुबे ,कामिनी साहू, श्रीमती इंदु पटेल, सर्वमंगला तंवर एवं समस्त समिति के ऑपरेटर प्रबंधक एवं सहकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। कोरबा जिले के कोरबा जनपद अध्यक्ष, करतला जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्यो, भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं कार्यकर्ताओ सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। एक किसान ने कहा कि मंच से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण बातें कही गई हैं। यदि इन घोषणाओं और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर होता है, तो इससे किसानों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
कुल मिलाकर भैसमा में आयोजित यह कृषक सम्मेलन किसानों को सहकारिता की शक्ति से जोड़ने, कृषि क्षेत्र में नई जानकारी उपलब्ध कराने तथा सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि ऐसे कार्यक्रम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में समिति भैसमा के प्राधिकृत अधिकारी श्रीमती सुभद्रा सिदार, प्रबंधक तुलेश्वर कौशिक, शाखा प्रबंधक श्रीमती सरिता पाठक सुपरवाइजर मोहम्मद जमाल खान एवं शाखा के अधीनस्थ समितियों का विशेष सहयोग योगदान रहा।









